Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार की शाम को एक अलग ही अंदाज में नजर आए. राज्य की राजधानी की जमीनी हकीकत और व्यवस्थाओं को करीब से जानने के लिए मुख्यमंत्री बिना किसी काफिले के एक आम नागरिक की तरह रांची की सड़कों पर उतर गए. इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था का निरीक्षण किया और विधि व्यवस्था का हाल जाना. जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार शाम को कांके रोड स्थित अपने सरकारी आवास से अपनी निजी गाड़ी से बाहर निकले. इस दौरान उनके साथ कोई सुरक्षा कारकेड या पारंपरिक वीआईपी काफिला मौजूद नहीं था. सीएम आम जनता की तरह शहर की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था का जायजा लेते हुए सीधे कांटाटोली चौक पहुंचे.

पहले भी कई बार कर चुके हैं हकीकत जानने की कोशिश
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस तरह जनता के बीच पहुंचे हों. इससे पहले भी वे कई बार बिना तामझाम के जमीनी स्थिति का आंकलन करने निकल चुके हैं. 13 दिसंबर 2025 को सीएम ने बिना सुरक्षा और बिना पूर्व सूचना के रांची शहर का निरीक्षण किया था. उस दौरान उन्होंने पैदल यात्रियों की सुविधाएं, सफाई और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया था. इसके बाद 28 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री बिना किसी सुरक्षा के सीधे प्रोजेक्ट भवन (मंत्रालय) पहुंच गए थे. जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी हैरान रह गए थे. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे आम लोगों की तरह शहर की वास्तविक ट्रैफिक स्थिति और नागरिकों की परेशानियों को करीब से समझना चाहते हैं.
