Palamu: भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भाजपा और संघ परिवार पर देश की आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. रविवार को स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान देश के सभी वर्गों को समानता और अधिकार की गारंटी देता है. आरक्षण सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार है और इसे समाप्त करने की किसी भी कोशिश का भाकपा माले पुरजोर विरोध करेगी.

छात्र-युवा आंदोलनों को बताया सकारात्मक संकेत
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अब देश के विभिन्न हिस्सों में फैल रहा है. झारखंड, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में छात्र और युवा शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए छात्रों और युवाओं का संघर्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है. भाकपा माले ऐसे आंदोलनों के साथ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी.
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग
उन्होंने भाजपा पर छात्र-युवा आंदोलनों को राजनीतिक नजरिए से देखने का आरोप लगाया. देश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए और सरकार को इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करनी होगी.
ध्रुवीकरण की राजनीति का लगाया आरोप
भट्टाचार्य ने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संघ परिवार का प्रभाव भाजपा की राजनीति पर स्पष्ट दिखाई देता है. उन्होंने वर्ष 2015 में संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण की समीक्षा की बात कहे जाने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आरक्षण को समाप्त करने की दिशा में लगातार माहौल तैयार किया जा रहा है.
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात
उन्होंने कहा कि संविधान में मिले अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष को और मजबूत किया जाएगा. छात्रों, युवाओं और वंचित वर्गों के सवालों को लेकर पार्टी लगातार आंदोलन करेगी. मौके पर जन संस्कृति मंच के रामराज राय, डॉ. बीएन सिंह, रविंद्र भुइयां, पंकज श्रीवास्तव, सरफराज आलम और दिव्या भगत समेत अन्य लोग मौजूद थे.

