Ranchi: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ हुई बैठक में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन मांगों पर सकारात्मक फैसला लेगी और झारखंड के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की मदद से एशिया के सबसे बड़े अस्पताल की स्थापना की योजना बना रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार से 5,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मांगी गई है. साथ ही उन्होंने राजधानी रांची में भी AIIMS खोलने की मांग उठाई. उनका कहना है कि देवघर में मौजूद AIIMS राज्य के कई इलाकों से काफी दूर है, इसलिए रांची में AIIMS बनने से लोगों को बेहतर और आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर
उन्होंने बताया कि राज्य में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेद विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. इसके अलावा धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों में MBBS और PG सीटें बढ़ाने की दिशा में भी मंजूरी मिली है. इसके लिए अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिस पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

400 ममता एम्बुलेंस और 108 सेवा को मजबूत करने की मांग
इरफान अंसारी ने कहा कि नवजात और छोटे बच्चों की मौत के मामलों को कम करने के लिए केंद्र से 400 छोटी ममता एंबुलेंस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. इसके अलावा 108 एंबुलेंस सेवा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फंड और सहिया बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की भी मांग की गई है.
गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए विशेष सहायता पैकेज
उन्होंने बताया कि झारखंड में मलेरिया, फाइलेरिया, सिकल सेल एनीमिया, टीबी और अस्थमा जैसी बीमारियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए विशेष सहायता पैकेज मांगा गया है. साथ ही अस्पतालों के लिए पोर्टेबल एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है.
मुफ़्त NEET कोचिंग और मानसून को लेकर विशेष तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गरीब और मेधावी छात्रों को मुफ्त NEET कोचिंग देने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है. इसके लिए पात्र छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने कहा कि मलेरिया और हैजा जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों और सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सिंहभूम में बच्चों की मौत की घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है.
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