GIRIDIH: शहर के मकतपुर स्थित दशकों पुराने प्रसिद्ध संतोषी माता मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई. इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन ने पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया.
301 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा
मंदिर परिसर से निकली इस भव्य कलश यात्रा में 301 महिलाएं और युवतियां सिर पर कलश लेकर श्रद्धा और आस्था के साथ शामिल हुईं. गाजे-बाजे, भजन और ‘जय मां संतोषी’ के गूंजते जयकारों के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने माहौल को भक्तिमय बना दिया.
मंदिर तक पहुंची यात्रा
कलश यात्रा मकतपुर से निकलकर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए बरगंडा स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पुरोहितों द्वारा कलश में जल भरवाया गया. इसके बाद सभी श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां पूरे विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया.
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गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस आयोजन में समिति के सदस्य सतीश साहू, डिम्पल साव, दीपक केशरी, संदीप डंगायच, नगर निगम उपाध्यक्ष सुमित कुमार, अमिताभ बॉस उर्फ नॉन्ता, दिलीप केसरी, टुनटुन केसरी, राजेंद्र सिंह, हब्लू गुप्ता, कौशल सलूजा, सुबोध, सामाजिक कार्यकर्ता पूनम बरनवाल और उद्योगपति प्रदीप अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए.
भव्य सजावट और सुरक्षा व्यवस्था
समिति द्वारा मंदिर को भव्य और आकर्षक तरीके से सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा गया. वहीं पूरे आयोजन के दौरान नगर थाना पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आई.
भक्ति और आस्था का संगम
भक्ति, आस्था और उत्साह का ऐसा संगम, जिसने गिरिडीह शहर को एक बार फिर धार्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया.
