Palamu: डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने आज सतबरवा प्रखंड कार्यालय में अचानक पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई, क्योंकि सीओ सह बीडीओ समेत कई महत्वपूर्ण अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले. अधिकारियों की इस गैर-जिम्मेदारी को देखकर डीसी ने गहरी नाराजगी जताई.
झूठे बहाने पर कार्रवाई, लिपिक निलंबित
जब वहां मौजूद एक लिपिक ने अधिकारियों की अनुपस्थिति को छिपाने के लिए झूठे बहानों का सहारा लिया, तो डीसी ने तुरंत सच का पता लगा लिया. अनुशासनहीनता और झूठ बोलने के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके पर ही सख्त कार्रवाई के आदेश दिए. उन्होंने गायब मिले सीओ को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने के साथ-साथ झूठ बोलने वाले लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
बिचौलियों पर सख्ती
मीडिया से रूबरू होते हुए डीसी ने साफ कर दिया कि सरकारी कार्यालयों में जनता के काम में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कार्यालय के मुख्य द्वार पर गार्ड या चपरासी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बिचौलियों और दलालों के दखल को पूरी तरह खत्म किया जा सके. जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अब कार्यालय में कड़ा अनुशासन लागू करना और आम नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है.
