Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन पर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की मांगों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने बताया कि छात्रों से वार्ता के लिए चार मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है. यह समिति आंदोलनरत युवाओं से बातचीत करेगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान का रास्ता निकालेगी. मंत्री ने दावा किया कि आंदोलन में स्थानीय युवाओं की संख्या कम है और बड़ी संख्या में बाहर, खासकर दिल्ली से लोग पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि इससे आंदोलन का स्वरूप प्रभावित हो रहा है.

“झारखंड में पेपर लीक नहीं हुआ”, भाजपा पर तंज
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन पर सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि चेयरमैन का इस्तीफा लिया जा चुका है, 12 लोग जेल में हैं और जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं. इरफान अंसारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि JPSC घोटाले की शुरुआत भाजपा शासनकाल में हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों के बाद से लगातार घोटाले सामने आते रहे. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार का कोई सदस्य JPSC से लाभान्वित नहीं हुआ है.

NEET और JPSC की तुलना उचित नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि NEET और JPSC की तुलना नहीं की जा सकती. उनके अनुसार, NEET राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र शामिल होते हैं, जबकि JPSC राज्य स्तर की परीक्षा है. उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों में केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

“मुख्यमंत्री युवाओं की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानते हैं”
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन युवाओं की समस्याओं को अपनी समस्या मानते हैं और सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों के हित में काम कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बातचीत के जरिए इस पूरे मामले का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है.

