Gumla: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के निर्देश पर सोमवार को समाहरणालय सभागार में पंचायत राज विभाग से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अनिमेष रंजन ने की. इस दौरान पंचायत योजनाओं की प्रगति, पेसा नियमावली-2025 के क्रियान्वयन और पंचायतों को मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में गुमला सदर, रायडीह, चैनपुर और अल्बर्ट एक्का (जारी) प्रखंड के सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड समन्वयक, बीपीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.
15वें वित्त आयोग की राशि का समय पर खर्च करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग, पंचायत सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण, जन्म-मृत्यु निबंधन, डिजिटल पंचायत, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, पंचायत सहायता केंद्र, भारतनेट और पंचायत ज्ञान केंद्र सहित कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायतों को उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए. उन्होंने कहा कि स्वीकृत योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारकर विकास कार्यों को गति दी जाए, ताकि आम लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके.
10 प्रतिशत से कम प्रगति वाले पंचायतों पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान डीडीसी अनिमेष रंजन ने धीमी गति से चल रही योजनाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों में योजनाओं की प्रगति 10 प्रतिशत से भी कम है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी. उन्होंने संबंधित पंचायत सचिवों और मुखियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं में लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. विशेष रूप से चैनपुर प्रखंड में योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया.
आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
उप विकास आयुक्त ने पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरत वाले स्थानों पर बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्रों के किचन में स्लैब का निर्माण कराया जाए. इसके अलावा विद्यालयों में भी आवश्यकतानुसार शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए उपलब्ध राशि का उपयोग करने का निर्देश दिया गया.
पंचायत सचिवालयों को बनाया जाएगा जनसेवा का केंद्र
डीडीसी ने कहा कि पंचायत सचिवालयों को आम लोगों के लिए बेहतर सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. उन्होंने पंचायतों में साफ-सफाई, रखरखाव, छोटे-मोटे मरम्मत कार्य और जरूरी प्रशासनिक खर्च के लिए नियमानुसार उपलब्ध राशि का उपयोग करने की बात कही. उन्होंने पंचायत सचिवों और मुखियाओं को निर्देश दिया कि पंचायत सचिवालयों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए.
पेसा नियमावली और डिजिटल पंचायत को मजबूत करने पर जोर
बैठक में पेसा नियमावली-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई. उप विकास आयुक्त ने पंचायतों को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के उद्देश्यों को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने डिजिटल पंचायत की अवधारणा को मजबूत करने, जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने और पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा.
प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन
उप विकास आयुक्त ने कहा कि किसी भी पंचायत को प्रशासनिक या तकनीकी समस्या आती है तो इसकी जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दी जाए. जिला प्रशासन की ओर से पंचायतों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए. बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी सहित गुमला सदर, रायडीह, चैनपुर और अल्बर्ट एक्का प्रखंड के पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, प्रखंड समन्वयक, बीपीएम और अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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