Gumla: जिले में इस बार सामान्य से कम बारिश होने के कारण धान की खेती प्रभावित होने की आशंका है. इसे देखते हुए कृषि विभाग ने पहले से ही वैकल्पिक खेती की तैयारी शुरू कर दी है. किसानों को नुकसान से बचाने के लिए दलहन और तिलहन फसलों के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. जिला कृषि पदाधिकारी कुसुम प्रिया ने बताया कि कम बारिश की संभावना को देखते हुए पहले से योजना बनाई गई थी. इसी कारण इस बार लैम्प्स के माध्यम से धान के बीज का सीमित वितरण किया गया. साथ ही किसानों के लिए मरुआ, मूंगफली, अरहर, उड़द और मूंग के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसान वैकल्पिक खेती कर सकें.
DC ने किसानों को दिलाया भरोसा
उन्होंने बताया कि जिले में किसानों के लिए 160 क्विंटल अरहर, 73 क्विंटल उड़द, 20 क्विंटल मूंग और 60 क्विंटल मूंगफली के बीज उपलब्ध हैं. वहीं सीड प्रोडक्शन कार्यक्रम के तहत 10 हेक्टेयर में उड़द, 12 हेक्टेयर में मरुआ और 4 हेक्टेयर में धान की खेती कराई जा रही है. DC दिलेश्वर महतो ने भी किसानों को भरोसा दिलाया है कि कम बारिश के कारण उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. प्रशासन और कृषि विभाग हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे. उन्होंने कहा कि मौसम को बदला नहीं जा सकता, लेकिन उससे उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है.

हालांकि, कम बारिश के कारण जिले के किसानों में चिंता बनी हुई है. कृषि विभाग का कहना है कि यदि बारिश सामान्य नहीं होती है, तब भी वैकल्पिक खेती के जरिए किसानों की आय को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा.

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