News Wave Desk : मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं घरों में सीलन, बदबू और फफूंदी जैसी समस्याएं भी बढ़ा देता है. लगातार बारिश और हवा में अधिक नमी के कारण दीवारों, अलमारियों, फर्श और बंद कमरों में सीलन आ जाती है. इससे घर का वातावरण खराब होने के साथ-साथ एलर्जी, सांस संबंधी परेशानियां और बैक्टीरिया के पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है. हालांकि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है.
अपनाएं ये आसान तरीके
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान जब भी मौसम साफ हो, घर की खिड़कियां और दरवाजे खोलकर ताजी हवा का आवागमन बनाए रखना चाहिए. इससे कमरे की नमी कम होती है और बदबू दूर होती है. अलमारी, जूते रखने की जगह और बंद कमरों में बेकिंग सोडा या मोटा नमक रखने से अतिरिक्त नमी सोखने में मदद मिलती है.


सफेद सिरका और नीम की पत्तियां दूर करें सीलन
इसके अलावा, सफेद सिरके और पानी के मिश्रण से दीवारों और फफूंदी वाले स्थानों की सफाई करने से बदबू और बैक्टीरिया कम होते हैं. अलमारी में सूखी नीम की पत्तियां या कपूर रखने से भी सीलन और फफूंदी की समस्या कम हो सकती है. वहीं गीले कपड़ों को घर के अंदर सुखाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कमरे में नमी बढ़ जाती है. बाथरूम और रसोई की नियमित सफाई, एग्जॉस्ट फैन का उपयोग और जरूरत पड़ने पर डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल भी घर को सूखा और स्वच्छ बनाए रखने में मददगार साबित होता है.

दीवारों पर फफूंदी और सीलन को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दीवारों पर लगातार फफूंदी बन रही हो, पेंट उखड़ रहा हो या सीलन लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में घर की लीकेज या वॉटरप्रूफिंग की जांच कराना जरूरी है. मानसून में थोड़ी-सी सावधानी और नियमित देखभाल अपनाकर आप अपने घर को सीलन, बदबू और फफूंदी से बचा सकते हैं। इससे घर का वातावरण न केवल साफ और ताजा रहेगा, बल्कि परिवार का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा.
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