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गुमला: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित दो दिवसीय शिशु वाटिका संपन्न

Gumla: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में आयोजित दो दिवसीय शिशु वाटिका कार्यशाला का आज समापन हुआ. यह कार्यशाला नन्हे बच्चों के...

Shishu Vatika
पानी में खेलते बच्चे

Gumla: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में आयोजित दो दिवसीय शिशु वाटिका कार्यशाला का आज समापन हुआ. यह कार्यशाला नन्हे बच्चों के सर्वांगीण विकास और खेल-खेल में शिक्षा देने की पद्धति पर केंद्रित रही. शिशु वाटिका की क्षेत्र प्रमुख मंजू श्रीवास्तव ने अपने ऑनलाइन संबोधन में अभिभावकों से जोर देकर कहा, कि शिशु वाटिका केवल विद्यालय तक सीमित नहीं है. घर पर माता-पिता की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है.

मंजू श्रीवास्तव ने बच्चों के मनोवैज्ञानिक विकास और घर के वातावरण को शिक्षाप्रद बनाने के गुर साझा किए. उन्होंने विद्यालय में दिए जाने वाले स्वर्ण प्राशन की उपयोगिता के जानकारी दी. कार्यशाला के दौरान अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ मिलकर एकाग्रता बढ़ाने वाली विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रायोगिक गतिविधियों के क्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने तरण ताल का आनंद लिया. जल-क्रीड़ा के माध्यम से बच्चों के शारीरिक विकास और उनके भीतर के डर को दूर करने का प्रयास किया गया.

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सीखे गए कौशल को धरातल पर उतारना हमारा कर्तव्य- ओम प्रकाश सिन्हा

समापन सत्र को संबोधित करते हुए गुमला विभाग प्रमुख ओम प्रकाश सिन्हा ने दो दिनों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा प्रशिक्षु दीदियों ने यहां जो शिक्षण कौशल और नवाचार सीखे हैं, अब समय आ गया है कि उसे धरातल पर उतारते हुए बच्चों के शिक्षण में प्रयोग किया जाए.  विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते रहे. उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यशाला के उद्देश्यों को और अधिक बल दिया.

इस तरह के प्रशिक्षण से शिक्षकों और अभिभावकों के बीच की दूरी होगी कम- प्रधानाचार्य

विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने पूरी कार्यशाला के सफल क्रियान्वयन में कुशल मार्गदर्शक की भूमिका निभाई. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के प्रशिक्षण से शिक्षकों और अभिभावकों के बीच की दूरी कम होगी और बच्चों को एक बेहतर शैक्षिक आधार मिलेगा. उनके नेतृत्व में विद्यालय निरंतर नवाचारों को अपनाकर विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है. कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य जी का सकारात्मक सहयोग रहा. शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

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