Hazaribagh : हजारीबाग की फिजाओं में अब विकास की एक नई महक घुलने वाली है. समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में पर्यटन एवं खेल विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में लिए गए निर्णय न केवल जिले की सूरत बदलेंगे, बल्कि हजारीबाग को झारखंड के खेल और पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएंगे.
पर्यटन का नया अध्याय: जल और आस्था का संगम
हजारीबाग की शान कही जाने वाली झील अब एक नए और आधुनिक अवतार में नजर आएगी. बैठक में झील में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट (पानी पर तैरता रेस्टोरेंट) स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जिसके लिए जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

वहीं, आस्था और प्रकृति के अद्भुत संगम सूरजकुंड (बरकट्ठा) के संरक्षण के लिए प्रशासन ने बेहद कड़ा कदम उठाया है. सूरजकुंड के अस्तित्व को बचाने के लिए इसके 2 किलोमीटर के दायरे को ‘नो बोरिंग ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है. इस क्षेत्र में पानी की कमी न हो, इसके लिए चेक डैम का निर्माण किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, जगन्नाथ धाम (सिलवार) और चम्पेश्वरी मंदिर (इचाक) को प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
खेलों को मिलेगी ‘इंडोर’ उड़ान और बेहतर बुनियादी ढांचा
जिले की खेल प्रतिभाओं को अब मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ेगी. बैठक में एक भव्य बहुउद्देशीय खेल केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. इसमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो और वॉलीबॉल जैसे इंडोर खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी.
उपायुक्त के मुख्य निर्देश:
मैदानों का कायाकल्प
जिले के सभी खेल मैदानों में शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं.
हॉकी का विकास
हॉकी टर्फ निर्माण के लिए संभावित स्थलों का निरीक्षण कर जल्द निर्णय लिया जाएगा.
प्रशिक्षण की गुणवत्ता
आवासीय और डे-बोर्डिंग केंद्रों में फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स के प्रशिक्षण की गुणवत्ता की समीक्षा की गई और प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया.
रखरखाव और जिम्मेदारी
पर्यटन स्थलों की बेहतर देखभाल के लिए अब सूरजकुंड और झील परिसर स्थित एम्फी थियेटर के संचालन व रख-रखाव की जिम्मेदारी जिला परिषद को सौंपी गई है. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए छायादार स्थान, स्वच्छता और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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