गिरिडीह: गिरिडीह जिले के आकांक्षी ब्लॉक जमुआ में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत पुरनी, चितरडीह और दरियाडीह पंचायतों में हेल्थ डे सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, लोगों को जागरूक करना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना रहा.
स्वास्थ्य जांच शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही. इस दौरान विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों और छोटे बच्चों की विस्तृत जांच की गई.
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुपोषण, एनीमिया, टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच, नवजात शिशु देखभाल और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. साथ ही संतुलित आहार, आयरन और फोलिक एसिड के सेवन तथा नियमित जांच के लिए लोगों को प्रेरित किया गया.

विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की दी गई जानकारी
हेल्थ डे सेलिब्रेशन के दौरान पोषण ट्रैकर, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान और मिशन इंद्रधनुष सहित अन्य प्रमुख योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई. लोगों को बताया गया कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं.

जागरूकता रैली और टीकाकरण अभियान
इस अवसर पर जन जागरूकता रैली, पोषण परामर्श सत्र और टीकाकरण अभियान भी चलाया गया, जिससे ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला. बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर स्वास्थ्य जांच कराई.
अधिकारियों ने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 का उद्देश्य आकांक्षी ब्लॉकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाना है. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करें.
कुपोषण नियंत्रण की दिशा में पहल
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि कुपोषण और विभिन्न बीमारियों पर नियंत्रण भी संभव होगा. अंत में सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके.
