Ranchi: जेल में बंद झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम की डिस्चार्ज पिटीशन पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बचाव पक्ष यानी आलमगीर आलम की ओर से बहस पूरी सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में कोर्ट क्या फैसला सुनाता है यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा.
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क्या है मामला
आलमगीर आलम पर ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर के आवंटन में भारी कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं. यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब ED ने आलमगीर आलम के तत्कालीन सचिव संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी में लगभग 32 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी. ED का दावा है कि यह पैसा टेंडर के बदले वसूला गया कमीशन था जिसका एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर सीधे मंत्री तक पहुंचता था. इसी आधार पर ED ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था.
अगली सुनवाई कब
हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई. अदालत ने ED को विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई ED द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद होगी. इस केस में संजीव लाल और जहांगीर आलम भी न्यायिक हिरासत में हैं.
