Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से कथित शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार को सुनवाई हुई. मामले में डिफेक्ट दूर करने के लिए दायर इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (IA) को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. इसके साथ ही अदालत ने मामले को अगली तिथि पर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.
1000 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग
फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले के मेरिट पर कोई आदेश पारित नहीं किया है, याचिका में राज्य में कथित 1000 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है. इसमें झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली, एंटी करप्शन ब्यूरो(ACB) की जांच और उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. याचिका में कहा गया है कि 14 महीने बीत जाने के बावजूद चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिसके कारण कई आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई.
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चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाते हुए फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर टेंडर दिए गए और पसंदीदा एजेंसियों को लाभ पहुंचाया गया. मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सूरज किशोर ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत किया.
