बार काउंसिल के प्रस्ताव पर हाई-पावर्ड कमिटी की रोक, स्टेट बार काउंसिल की सीट बढ़ाने का था प्रस्ताव 

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई-पावर्ड इलेक्शन सुपरवाइजरी कमिटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के 19 जुलाई 2026 के उस...

The Supreme Court referred the Prayag Mahto and Mahesh Tiwari dispute to a High Powered Appellate Committee, asking it to decide within two weeks.

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई-पावर्ड इलेक्शन सुपरवाइजरी कमिटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के 19 जुलाई 2026 के उस प्रस्ताव पर रोक लगा दी है जिसके जरिए राज्य बार काउंसिल की सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया गया था. कमिटी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान या परिणाम घोषित होने के बाद इस तरह का बदलाव कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन है. 

सुप्रीम कोर्ट की कमिटी ने सुनाया फैसला

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुधांशु धुलिया की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय सुपरवाइजरी कमिटी (जिसमें पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि शंकर झा और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरि शामिल हैं) ने अपील संख्या 108/2026 पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. 

एडवोकेट्स एक्ट के खिलाफ बताया प्रस्ताव 

कमिटी ने अपने आदेश में कहा कि एडवोकेट्स एक्ट 1961 के तहत सीटों की संख्या तय होती है. वर्तमान में देश के कई राज्यों में बार काउंसिल चुनाव संपन्न हो चुके हैं और नतीजे घोषित हो चुके हैं जबकि कई राज्यों में मतदान जारी है.
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BCI ने कहा- यह केवल सुझाव था

ऐसे समय में BCI का संकल्प पत्र न केवल लागू कानून के विपरीत है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन करता है. सुनवाई के दौरान BCI के एडिशनल सचिव अवनीश पांडे ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव केवल एक सुझाव के रूप में था और इसे बिना कानूनी मंजूरी व सुप्रीम कोर्ट के अनुमोदन के लागू नहीं किया जा सकता. 

रिटर्निंग ऑफिसर्स को दिए गए स्पष्ट निर्देश 

कमेटी ने एहतियात के तौर पर सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स और हाई-पावर्ड इलेक्शन कमिटियों को निर्देश दिया है कि वे BCI के 19 जुलाई के प्रस्ताव और 21 जुलाई के पत्र के आधार पर कोई कार्रवाई न करें.साथ ही मतगणना की प्रक्रिया पूर्व में 9 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुसार ही पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. इस आदेश के बाद झारखंड में स्टेट बार काउंसिल की सीटें 25 से 32 किये जाने के प्रस्ताव पर भी रोक लग गई है.

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