रांची: हजारीबाग के पूर्व उपायुक्त रहे IAS अधिकारी विनय चौबे ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सेवायत भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री के मामले में वह वर्तमान में जेल में बंद हैं. इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने 6 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने अब सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर बेल की मांग की है.

ACB ने दर्ज किया था मामला. चार्जशीट भी हो चुकी दाखिल.
बताया जाता है कि इस मामले में पिछले वर्ष अगस्त महीने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB ने कांड संख्या 9/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के बाद ACB ने विनय चौबे के विरुद्ध चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. आरोप है कि हजारीबाग में उपायुक्त रहते हुए उन्होंने सेवायत भूमि के अवैध लेन-देन में भूमिका निभाई. अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जमानत याचिका पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.

