Ranchi: झारखंड में 32 फीसदी पति-पत्नी के बीच संबंध सही नहीं है.राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के ताजा आंकड़ों के अनुसार जहां एक ओर बाल विवाह की बेड़ियां लड़कियों का भविष्य उजाड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर वैवाहिक हिंसा की आग में प्रदेश की 32 प्रतिशत महिलाएं झुलस रही हैं. राज्य के अलग-अलग जिलों में सामाजिक स्थिति की खाई बहुत गहरी है. पाकुड़ में स्थिति सबसे भयावह है, जहां हर दूसरी लड़की का विवाह कम उम्र में हो रहा है.
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बाल विवाह और शिक्षा
यह आंकड़ा बताता है कि शिक्षा और बाल विवाह के बीच लगभग पूर्ण नकारात्मक संबंध है. यानी जिस जिले में महिला साक्षरता बढ़ी, वहां बाल विवाह की दर लगभग उसी अनुपात में कम हुई. पाकुड़ में बाल विवाह का 52.3% होना वहां की निम्न साक्षरता दर का सीधा परिणाम है।
घरेलू हिंसा और शिक्षा
शिक्षित महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हैं. पति-पत्नी की हिंसा के मामले उन क्षेत्रों में सर्वाधिक हैं जहां महिलाओं के पास शिक्षा का अभाव है. राजधानी रांची में 24.5 फीसदी पति- पत्नी के बीच संबंध नकारात्मक है.
