झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आगाज: मतभेद लोकतंत्र की आत्मा है, पर मनभेद लोकतंत्र को करते हैं दुर्बल- स्पीकर

रांचीः झारखंड विधानसभा के बजट सत्र (2026) का आगाज बुधवार यानी 18 फरवरी से हो गया. सत्र की शुरुआत में स्पीकर रवींद्रनाथ...

रांचीः झारखंड विधानसभा के बजट सत्र (2026) का आगाज बुधवार यानी 18 फरवरी से हो गया. सत्र की शुरुआत में स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि हम सभी इस सदन में जनता के विश्वास और आशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता की निगाहें इस सदन की कार्यवाही पर रहती हैं. हमारे प्रत्येक शब्द, प्रत्येक आचरण और प्रत्येक निर्णय में राज्यहित सर्वोपरि होना चाहिए. मतभेद लोकतंत्र की आत्मा हैं, परंतु मनभेद लोकतंत्र को दुर्बल करते हैं. अतः हम सब मिलकर इस सत्र को स्वस्थ, सकारात्मक और परिणामोन्मुख बनाएं.

बजट सत्र वर्ष 2026 का अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र

स्पीकर ने कहा कि यह बजट सत्र वर्ष 2026 का अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र है. यह षष्ठम् झारखंड विधान सभा का पंचम सत्र है, जो दिनांक 18 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 19 मार्च 2026 तक चलेगा. इस सत्र में कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित हैं. इन 17 कार्य दिवसों में बजट सहित राज्य की नीतियों, योजनाओं, वित्तीय प्राथमिकताओं तथा जनहित के विविध विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा.

यह राज्य की विकास यात्रा का मार्गदर्शक दस्तावेज भी

बजट सत्र केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह राज्य की विकास यात्रा का मार्गदर्शक दस्तावेज भी होता है। इस सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-2026 का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके माध्यम से चल रही योजनाओं एवं आवश्यक व्ययों की पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही, दिनांक 24 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा. यह वार्षिक बजट राज्य की भावी दिशा, विकास की प्राथमिकताओं तथा संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनेगा.

नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा

स्पीकर ने कहा कि आप सभी सदस्यों को अनुदान मांगों पर चर्चा, कटौती प्रस्तावों के माध्यम से समीक्षा तथा नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा। मैं अपेक्षा करता हूं कि बहस तथ्यपरक, तर्कसंगत एवं जनोन्मुखी होगी. लोकतंत्र की शक्ति सार्थक संवाद में निहित है; अतः आलोचना हो, विमर्श हो, विचारों का आदान-प्रदान हो किन्तु सदन की कार्यवाही गरिमा एवं अनुशासन के साथ संचालित हो.

विधान सभा तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है

मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि झारखंड विधान सभा तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. National e-Vidhan Application (नेवा) प्रोजेक्ट के तहत आंशिक क्रियान्वयन इस बजट सत्र से प्रारंभ किया जा रहा है. इस परियोजना के तहत 11 फरवरी 2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के कर-कमलों द्वारा (नेवा) सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया है. यह पहल हमारी विधान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं दक्ष बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है.

शून्यकाल की सूचनाएं नेवा एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी

इस सत्र से शून्यकाल की सूचनाएं नेवा एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी. अब सदस्यों को शून्यकाल सूचना देने के लिए भौतिक रूप से प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी. इससे समय की बचत होगी, प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा अभिलेखों का डिजिटल संधारण संभव होगा. भविष्य में प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयकों एवं अन्य संसदीय दस्तावेजों का भी अधिकाधिक डिजिटलीकरण किया जाएगा. यह पहल “पेपरलेस विधानसभा” की दिशा में एक ठोस प्रयास है और पर्यावरण संरक्षण की भावना से भी जुड़ी हुई है.

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