News Wave Desk : अमेरिका ईरान युद्ध से जारी तेल संकट अब भारत में और भी गहराने वाला है. संभावना है कि आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल डीजल की किल्लत विकराल रूप लेगी. इसकी प्रमुख वजह भारत पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध है. जानकारी हो कि युद्ध के शुरूआती दिनों में अमेरिका ने कुछ देशों पर लगे तेल निर्यात प्रतिबंधों को हटा दिया था. इसमें रूस भी शामिल रहा. इसलिए भारत रूस से तेल खरीदता रहा और देश में तेल की किल्लत नहीं हुई. लेकिन अब भारत के लिए ये अवसर बंद होती नजर आ रही है. इसकी प्रमुख वजह अमेरिका ने भारत की रूसी तेल खरीद की छूट आगे नहीं बढ़ाई है. इससे भारत रूस से तेल नहीं ले पायेगा. ऐसे में भारत के एनर्जी सेक्टर के लिये ये बड़ा झटका है.
ऐसे में भारत के लिये अब मुश्किल का वक्त शुरू होने वाला है. होमुर्ज स्ट्रेट से तेल आयात बंद है. तो अब रूसी तेल पर भी प्रतिबंध का खतरा मंडराने लगा है. जानकारी हो कि 15 मई से केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम में तीन रूपये की कीमत बढ़ाई थी.

बगैर पेनाल्टी के खरीदी गयी तेल
युद्ध के शुरूआती दिनों में अमेरिका ने भारत और चीन जैसे देशों को रूस से तेल खरीदने की छूट दी. जिससे भारत ने रूस से बगैर पेनाल्टी के कच्चा तेल खरीदा. हालांकि इस फैसले के बाद अमेरिकी सांसदों ने हंगामा किया. जिससे ट्रंप सरकार पर दबाव बनता गया. ऐसे में अब ट्रंप सरकार ने प्रतिबंध में छूट नहीं देने की योजना बनायी है.
रविवार को अमेरिकी प्रतिबंध में छूट की आखिरी तिथि थी. ऐसे में भारत के लिये रिस्क फैक्टर बढ़ता दिख रहा है. भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करना है.
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