Bermo:झारखंड और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तथा गोमिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व माधवलाल सिंह का अस्थि कलश सोमवार को पवित्र त्रिवेणी संगम में विसर्जन के लिए रवाना किया गया. इससे पूर्व, क्षेत्र की जनता और समर्थकों के अंतिम दर्शन के लिए अस्थि कलश को साड़म स्थित प्रसिद्ध संतोषी माता मंदिर परिसर में रखा गया. जैसे ही माधव बाबू के अस्थि कलश को मंदिर परिसर में लाया गया, पूरा माहौल ‘माधव बाबू अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा और अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
13 मई को लंबी बीमारी से निधन
उल्लेखनीय है कि बीते 13 मई को रांची के अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद माधव बाबू का निधन हो गया था. उनके चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. परिजनों द्वारा धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अस्थि कलश को तीर्थराज प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम ले जाने से पहले साड़म वासियों के दर्शनार्थ रखा गया, ताकि क्षेत्र के लोग अपने जननेता को अंतिम विदाई दे सकें.संतोषी माता मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान परिजनों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं ने कतारबद्ध होकर अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित किए.

गरीबों के हक की लड़ाई में योगदान
इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम थीं. समर्थकों ने माधव बाबू के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और गरीबों के हक की लड़ाई में उनका योगदान अतुलनीय रहा है. उनका जाना समूचे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है.मंदिर परिसर में दर्शन और विशेष पूजन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, दिवंगत नेता के सुपुत्र और परिजन अस्थि कलश को लेकर पवित्र त्रिवेणी संगम के लिए रवाना हो गए. आज पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में संगम के पावन जल में अस्थियों (फूल) को प्रवाहित किया जाएगा. परिजनों ने बताया कि माधव बाबू ने आजीवन सेवाभाव को सर्वोपरि रखा, मंगलवार को तीर्थराज की पावन त्रिवेणी में उनकी अस्थियों का विसर्जन कर उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाएगी.
