Ranchi: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और NHSRC के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार से रांची के मोमेंट्स रिसॉर्ट्स में 10 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ. इस प्रशिक्षण में देश के छह राज्यों से आए 35 मास्टर ट्रेनर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं. यह प्रशिक्षण 12 अगस्त तक चलेगा. यह देश का पहला ऐसा क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं के लिए तैयार किए गए नए इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग मॉड्यूल पर मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाना तथा आशा कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ाना है.
डिजिटल काम करने वाली सहियाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहियाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि बेहतर डिजिटल कार्य करने वाली सहियाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा और उन्हें भविष्य में मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण सामग्री को आसान हिंदी में तैयार किया जाएगा, ताकि सहियाओं को इसे समझने में किसी तरह की परेशानी न हो. साथ ही ‘सहिया ऐप’, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और डेटा प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा.
छह राज्यों के विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
प्रशिक्षण में झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक और राज्य स्तरीय प्रशिक्षक शामिल हुए हैं. वहीं, NHSRC नई दिल्ली के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न राज्यों के सफल मॉडल और अनुभव साझा किए जाएंगे, ताकि उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सके.
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
खूंटी के सिविल सर्जन डॉ. ललित नारायण पाठक ने कहा कि इस स्तर के राष्ट्रीय प्रशिक्षण का आयोजन जिले के लिए गर्व की बात है. यहां प्रशिक्षण लेने वाले मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने राज्यों में जाकर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर होगी.

