गढ़वा: राज्य सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बहुचर्चित बुढ़ा पहाड़ दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है. शुक्रवार को मंत्री दुर्गम रास्तों से होते हुए सड़क मार्ग, पैदल और बाइक के सहारे दोपहर करीब दो बजे बुढ़ा पहाड़ पहुंचे. लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित रहे इस इलाके में उनका दौरा सरकार की जमीनी सक्रियता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
बुढ़ा पहाड़ पहुंचने के बाद वित्त मंत्री ने सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने पिकेट पर तैनात अधिकारियों और जवानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और चुनौतियों को जाना. साथ ही मुख्यमंत्री के हालिया दौरे के बाद क्षेत्र में आए बदलावों की समीक्षा की. मंत्री ने सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही क्षेत्र में उग्रवाद पर काफी हद तक नियंत्रण संभव हो पाया है. इसके बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों बीडीओ, सीओ और संबंधित पंचायत के मुखिया बिंको उरांव से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में अब तक हुए विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों की जरूरतों के बारे में विस्तृत जानकारी ली. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके.
स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना
दौरे के क्रम में वित्त मंत्री ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया, जहां कभी नक्सली नेता जन-अदालत लगाया करते थे. यह निरीक्षण क्षेत्र में बदलते हालात और शांति स्थापना की दिशा में उठाए गये कदमों का प्रतीक माना जा रहा है. स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी.
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