Ranchi: राज्य में इस साल मानसून की चाल ने राज्य के किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. जून की शुरुआत से लेकर 16 जुलाई तक राज्य में बारिश के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं. मानसून के प्रवेश के करीब डेढ़ महीने बाद भी राज्य में औसत से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे राज्य के अधिकांश जिले सूखे जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 01 जून से 16 जुलाई तक झारखंड में सामान्यत 348.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविकता में केवल 207.1 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है. यह सामान्य से 41 प्रतिशत कम है.
बेहद खराब स्थिति वाले जिले
चतरा और गढ़वा जिलों ने बेहद कम बारिश की श्रेणी में अपनी जगह बना ली है.चतरा में सामान्य से 71 प्रतिशत और गढ़वा में 72 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं, कोडरमा और पाकुड़ में भी सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक कम बारिश हुई है. बोकारो, गिरिडीह, गोड्डा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पलामू और साहिबगंज जैसे जिलों में स्थिति कमी वाली है, जहां वर्षा में 40 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है.
थोड़ी राहत, पर चिंता बरकरार
दुमका में 18% और सिमडेगा में 21% कम बारिश हुई है. राजधानी रांची की बात करें तो यहां सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में 20 से 25 प्रतिशत के बीच कमी देखी गई है.कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ फसलों का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. धान के बिचड़े सूखने की कगार पर हैं और किसानों की लागत भी बढ़ती जा रही है.
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