रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की राजधानी में सड़क निर्माण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी देकर निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य कराए.

30 अप्रैल तक DPR को मंजूरी देने का निर्देश
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिया है कि 30 अप्रैल तक हर हाल में डीपीआर (DPR) को स्वीकृत करना होगा और 31 दिसंबर तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम समय सीमा (डेडलाइन) तय की गई है.
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सड़क की चौड़ाई को लेकर उठा सवाल
सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण बिंदु सड़क की चौड़ाई को लेकर उठा. हस्तक्षेपकर्ता ने अदालत को बताया कि 2023 में तैयार डीपीआर में सड़क की चौड़ाई मात्र 12 फीट रखी गई है. इतनी कम चौड़ाई में दो वाहनों का एक साथ गुजरना लगभग असंभव होगा. इस पर अदालत ने आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए सरकार को सुझाव दिया कि जनहित और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने पर विचार किया जाए.
गुटवा पंचायत से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के अरगोड़ा-नयासराय रोड स्थित गुटवा पंचायत से जुड़ा है, जहां राजेंद्र नगर और सिद्धि विनायक नगर, महुआ टोली और बेथलेहम नगर, धर्म कॉलोनी और लक्ष्मी नगर के स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से खराब सड़कों के कारण हो रही समस्याओं को उठाया जा रहा था. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सरकार को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

