दस वर्षों से जिले में जमे BEEO, छह प्रखंडों का प्रभार, कोडरमा तबादले के बाद भी नहीं दिया योगदान

हजारीबाग. जिले के शिक्षा विभाग में पदस्थापित एक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. विष्णुगढ़...

हजारीबाग. जिले के शिक्षा विभाग में पदस्थापित एक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. विष्णुगढ़ में पदस्थापित बीईईओ नागेश्वर सिंह का तबादला कोडरमा जिले में हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे अब तक हजारीबाग से विरमित नहीं हुए हैं और यहां के कई प्रखंडों का प्रभार संभाल रहे हैं. विभागीय हलकों में यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और नियमों पर सवाल खड़ा कर रहा है.

तबादले के बाद भी छह प्रखंडों का प्रभार

जानकारी के अनुसार बीईईओ नागेश्वर सिंह फिलहाल हजारीबाग जिले के कम से कम छह प्रखंडों के प्रभार में हैं. इनमें टाटीझरिया, दारू, सदर, नगर, कटकमदाग व इचाक प्रखंड शामिल हैं. एक ही अधिकारी के पास इतने प्रखंडों की जिम्मेदारी होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है.

कोडरमा में खाली है पद, फिर भी नहीं दिया योगदान

प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन के हस्ताक्षर से 16 जनवरी को जारी आदेश में नागेश्वर सिंह का तबादला कोडरमा जिला किया गया है. आदेश के अनुसार उन्हें कोडरमा सदर के अलावा डोमचांच और सतगांवा प्रखंडों का भी प्रभार सौंपा गया है. गौरतलब है कि कोडरमा जिले में फिलहाल एक भी बीईईओ पदस्थापित नहीं है. इसके बावजूद अब तक उन्होंने वहां योगदान नहीं दिया है.

Also Read: ओवरलोड डीजे पिकअप बना हादसे का खतरा, मूरकी चढ़ाई पर हवा में उठे अगले पहिए

दस वर्षों से हजारीबाग में जमे

सरकारी नियमों के अनुसार इस तरह के पद पर तैनात अधिकारी सामान्यतः दो से तीन वर्षों तक ही एक स्थान पर पदस्थापित रह सकते हैं. लेकिन नागेश्वर सिंह करीब दस वर्षों से हजारीबाग जिले में ही बने हुए हैं. इस दौरान वे कुछ समय के लिए अन्यत्र गए भी, लेकिन जल्द ही पुनः हजारीबाग लौट आये. विभागीय सूत्रों के अनुसार उनके प्रभाव और पकड़ के कारण ही यह संभव हो सका है.

विरमित करने में हो रही देरी

तबादला आदेश जारी होने के बाद भी उन्हें अब तक औपचारिक रूप से विरमित नहीं किया गया है. चर्चा है कि किसी तरह हजारीबाग में बने रहने की कोशिशें की जा रही हैं. कुछ समय पहले तक नगर निकाय चुनाव का हवाला दिया जा रहा था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है.

वेतन भुगतान और पुरानी जांच भी चर्चा में

शिक्षा विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं. हाल ही में होली के अवसर पर कई स्कूलों के शिक्षकों का वेतन भुगतान समय पर नहीं हो सका था, जिससे असंतोष की स्थिति बनी. इसके अलावा हजारीबाग में कुछ वर्ष पहले छात्रों को मिलने वाले स्कूल ड्रेस वितरण में कथित अनियमितताओं का मामला भी सामने आया था. इस मामले की जांच अब भी जारी है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

एक ओर जहां कोडरमा जिले में बीईईओ का पद खाली है, वहीं दूसरी ओर तबादले के बाद भी अधिकारी का हजारीबाग में बने रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहा है. शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो इससे विभागीय कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी असर पड़ सकता है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *