Ranchi: झारखंड आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है. इस दिशा में रफ्तार भी पकड़ ली है. राज्य में निवेश को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम ने एक मील का पत्थर हासिल कर लिया है. पिछले एक दशक में राज्य में कुल 2,35,746 आवेदनों को सफलतापूर्वक मंजूरी दी गई है. वर्ष 2016 में मात्र 36 स्वीकृतियों के साथ शुरू हुआ यह सफर आज 2.35 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है. विशेष रूप से 2021 के बाद से स्वीकृतियों की संख्या में काफी उछाल आया है.
किस साल कितने आवेदनों को मिली मंजूरी
- 2021- 32,689 आवेदन मंजूर
- 2022-30,910 आवेदन मंजूर
- 2023- 37,284 आवेदन मंजूर
- 2024- 35,940 आवेदन मंजूर
- 2025- 40,085 आवेदन मंजूर
- 2026 (अब तक)- 16,460 आवेदन मंजूर
किस विभाग ने कितने आवेदनों को दी मंजूरी
- श्रम विभाग ने सबसे अधिक 1,17,783 आवेदनों को मंजूरी देकर राज्य में श्रम कानूनों के अनुपालन और औद्योगिक स्थिरता को सुनिश्चित किया है.
- झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 34,450 आवेदनों को मंजूरी दी है.
- उद्योगों को निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग ने 22,301 स्वीकृतियां प्रदान की हैं.
- बिजली वितरण के लिए झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम ने 10,657 आवेदनों को मंजूरी दी है.
- वाणिज्य कर विभाग ने व्यापार सुगमता के लिए 20,874 आवेदनों को मंजूरी दी है.
- अग्निशमन सेवा निदेशालय ने 15,529 आवेदनों को मंजूरी दी है.
- कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देते हुए 12,692 स्वीकृतियां जारी की गई हैं.
अन्य विभागों का भी रहा है योगदान
इसके अलावा, शहरी विकास विभाग (770), सड़क निर्माण विभाग (306), रांची नगर निगम (148), और झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (127) ने भी अपने-अपने स्तर पर आवेदनों का तेजी से निस्तारण किया है.

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