झारखंड: एसआईआर की तैयारी तेज, अब घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, होगा सत्यापन

रांची: झारखंड में आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण...

रांची: झारखंड में आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी तेज हो गई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने निर्वाचन सदन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस अभियान की रूपरेखा साझा की. इस अभियान के तहत राज्य के हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने और त्रुटियों को दूर करने के लिए निर्वाचन विभाग तैयारी में जुट गई है.

Also Read : जनमुद्दों पर मुखर विधायक आलोक चौरसिया, विधानसभा में पलामू के धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन हब बनाने की मांग

घर-घर जाकर होगा सत्यापन, इन्यूमेरेशन फॉर्म की भूमिका

इस बार पुनरीक्षण की प्रक्रिया अत्यंत सूक्ष्म और व्यापक होगी. बीएलओ राज्य के प्रत्येक घर में जाएंगे.
बीएलओ घर-घर जाकर इन्यूमेरेशन फॉर्म वितरित करेंगे और नागरिकों की सहायता से उन्हें भरवाकर वापस जमा करेंगे. इस प्रक्रिया का पहला लक्ष्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे.

Also Read : विधानसभा में गूंजा महुदी रामनवमी जुलूस का मामला, विधायक रौशन लाल चौधरी ने सरकार से अनुमति देने की उठाई मांग

घर के बाहर लगेगा बीएलओ का स्टिकर

इस अभियान की एक विशेष कड़ी पारदर्शिता और पहुंच सुनिश्चित करना है. अब हर घर के बाहर एक विशेष स्टिकर लगाया जाएगा, जिस पर घर की आवंटित संख्या, क्षेत्र के संबंधित बीएलओ का नाम, बीएलओ का मोबाइल नंबर लिखा रहेगा. यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, सुधार करने या किसी तकनीकी सहायता की आवश्यकता है, तो वह सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकेगा.

Also Read : दिल्ली : ईरान के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- एकतरफा विदेश नीति

राजनीतिक दलों से अपी, जल्द नियुक्त करें बूथ लेवल एजेंट:

बैठक के दौरान के. रविकुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया में सहभागी बनने का आह्वान किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी दल अपने-अपने मतदान केंद्रों पर जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें. नियुक्त किए गए बीएलए को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे जमीनी स्तर पर बीएलओ के साथ बेहतर समन्वय कर सकें और तकनीकी जटिलताओं को दूर कर सकें.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *