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डिजिटल क्रांति की ओर झारखंड, देश का अग्रणी AI राज्य बनाने के लिए सरकार ने पेश किया रोडमैप, 1,150 करोड़ का मास्टर प्लान पेश

Ranchi/New Delhi: देश के प्रशासनिक और तकनीकी इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए झारखंड सरकार ने राज्य के संपूर्ण डिजिटल...

झारखंड विजन 2050 का संकल्प
झारखंड विजन 2050 का संकल्प

Ranchi/New Delhi: देश के प्रशासनिक और तकनीकी इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए झारखंड सरकार ने राज्य के संपूर्ण डिजिटल परिवर्तन को एक तीव्र और अत्याधुनिक गति देने की योजना तैयार कर ली है. नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026’ के दौरान राज्य सरकार ने झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में पूरे देश का अग्रणी और रोल मॉडल राज्य बनाने के उद्देश्य से एक अत्यंत व्यापक, सुदृढ़ और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया है. इस विजनरी पहल से न केवल शासन व्यवस्था और अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक तक तकनीकी लाभ बेहद सुगमता से पहुंचेगा.

क्या है रोडमैप में

राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए गए इस ऐतिहासिक विजन का मुख्य उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का व्यापक और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है. इसके माध्यम से एक ऐसी पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे राज्य के आम नागरिकों को बेहद गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी, समयबद्ध एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें. यह ऐतिहासिक कदम झारखंड को पारंपरिक प्रशासनिक ढर्रे से बाहर निकालकर एक आधुनिक, तकनीक-संचालित और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित करेगा.

AI नीति 2026-2031 की ऐतिहासिक रूपरेखा

राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी और प्रस्तावित ‘झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031’ की विस्तृत नीतिगत रूपरेखा देश के सामने रखी. पांच वर्षों की अवधि को कवर करने वाली इस नीति के माध्यम से सार्वजनिक शासन, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि पद्धतियों, शिक्षा प्रणाली, खनन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील क्षेत्रों में एआई आधारित अत्याधुनिक समाधान विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही, नीति में यह विशेष और कड़ा प्रावधान किया गया है कि संपूर्ण तकनीकी बुनियादी ढांचे में डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जनता का भरोसा और सुरक्षा दोनों अक्षुण्ण बनी रहे.

सुशासन को सशक्त करेंगे तीन महारथी

प्रशासनिक कार्यों और सुशासन को और अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख तथा भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए झारखंड सरकार ने गेम चेंजर साबित होने वाले ‘मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ को स्थापित करने का एक बड़ा प्रस्ताव रखा है. यह उन्नत एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली राज्य में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी सरकारी योजनाओं, वृहद आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा सभी विभागीय कार्यों की चौबीसों घंटे रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी.

मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म: यह प्लेटफॉर्म सभी विभागों के डेटा को एकीकृत कर मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविक समय की प्रशासनिक स्थिति से अवगत कराएगा, जिससे नीतिगत निर्णय त्वरित और डेटा-समर्थित होंगे.

हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम: स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण स्तर की कड़ाई से निगरानी करने के लिए यह सिस्टम काम करेगा. इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों का सटीक विश्लेषण करके कुपोषण के खिलाफ एआई आधारित त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे.

क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम: प्रचुर खनिज संसाधनों से समृद्ध झारखंड राज्य के लिए यह प्रणाली अत्यंत क्रांतिकारी होगी. इसके माध्यम से खनिज प्रशासन, अवैध खनन की रोकथाम, परिवहन की निगरानी और राजस्व प्रबंधन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाएगा.

दीर्घकालिक डिजिटल विकास के लिए भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर की घोषणा

डिजिटल विकास की इस बयार को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर एक मजबूत और स्थायी तंत्र प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने कई दीर्घकालिक बुनियादी पहलों की आधिकारिक घोषणा की है. राज्य में एक समेकित, मजबूत और विश्वस्तरीय तकनीकी परिवेश तैयार करने के लिए स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की घोषणा की गई है. इन दूरगामी पहलों के माध्यम से झारखंड के भीतर उच्च स्तरीय अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा.

1,150 करोड़ का रणनीतिक निवेश और वित्तीय रोडमैप

सरकार ने आगामी पांच वर्षों की अवधि के भीतर कुल 1,150 करोड़ रुपये के बजटीय निवेश का प्रस्ताव रखा है. यह निवेश मुख्य रूप से अत्याधुनिक एआई बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल क्षमताओं के चहुंमुखी विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली गतिविधियों तथा शासन के विभिन्न सरकारी विभागों में एआई के पूर्ण और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा. यह राशि झारखंड को एक तकनीकी पावरहाउस में बदलने के लिए ईंधन का कार्य करेगी.

रांची में 100.97 एकड़ का IT पार्क

रांची में कुल 100.97 एकड़ भूमि पर एक विश्वस्तरीय आईटी पार्क का निर्माण प्रस्तावित है. इस अत्याधुनिक पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, बड़ी अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनियों, अत्याधुनिक टेक स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में पूरी तरह विकसित किया जाएगा, जो झारखंड की तकनीकी पहचान को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा.

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महत्वाकांक्षी विजन-2050

राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य वैश्विक और घरेलू बाजारों से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना, राज्य में 50 से अधिक प्रतिष्ठित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना सुनिश्चित करना, झारखंड की धरती पर 1,000 से अधिक नवोन्मेषी एआई स्टार्टअप्स को पोषित और पल्लवित करना तथा राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए एक लाख से अधिक एआई आधारित उच्च स्तरीय रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसरों का सृजन करना है.

बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म और पंचायत स्तर तक पहुंच

इस पूरे रोडमैप की विशेषता यह है कि यह केवल बड़े शहरों या वातानुकूलित सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अंतिम ध्येय ग्रामीण जनता को सशक्त बनाना है. आम नागरिकों को सीधे जोड़ने और लाभान्वित करने के लिए सरकार एक व्यापक बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है. इसके साथ ही, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, त्वरित डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा सुदूर पंचायत स्तर तक समस्त डिजिटल सेवाओं की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी इस रोडमैप का हिस्सा है. इससे राज्य का आम नागरिक भी बिना किसी तकनीकी जटिलता के अपनी स्थानीय भाषा में सीधे सरकार की कल्याणकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेगा.

कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान

तकनीकी क्रांति को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कुशल श्रमशक्ति की आवश्यकता को समझते हुए इस रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, देश-विदेश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के व्यापक क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया गया है. इसका उद्देश्य राज्य के भीतर भविष्य की अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक अत्यंत दक्ष, कुशल और प्रतिस्पर्धी मानव संसाधन तैयार करना है, ताकि झारखंड के युवा वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें.

वैश्विक उद्योग जगत को साझेदारी का आमंत्रण

इस आयोजन के दौरान झारखंड सरकार ने देश-विदेश की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, टेक स्टार्टअप्स, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ रणनीतिक साझेदारी करने का आह्वान किया. सरकार ने उम्मीद जताई कि वैश्विक उद्योग जगत एआई आधारित सुशासन, मजबूत डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सक्रिय सहयोग देगा, जिसके लिए सरकार हर संभव सहायता और पारदर्शी नीतियां उपलब्ध कराएगी.

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