Ranchi: झारखंड सरकार के मंत्रियों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर रविवार को हुई महत्वपूर्ण वार्ता समाप्त हो गई है. बैठक के बाद सरकार की ओर से दावा किया गया है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगों और मुद्दों पर सहमति बन चुकी है,हालांकि, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा को रद्द करने, अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने और मामले की सीबीआई जांच कराने जैसे प्रमुख विषयों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी.

14वीं JPSC रद्द करने पर बनी सहमति, आयु सीमा पर असहमति:
बैठक के दौरान सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों की प्रमुख मांग को मानते हुए 2023- 2025 और 14वीं परीक्षा को रद्द करने पर सहमति जता दी है. हालांकि, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आयु सीमा में छूट के मुद्दे पर सरकार और छात्र संगठनों के बीच कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका और इस पर सहमति नहीं बन पाई.

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने पर सरकार ने मांगा समय:
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग पर पेच फंसा हुआ है. वार्ता के दौरान सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मंत्रियों ने कहा कि सीजीएल परीक्षा का आयोजन अदालत के निर्देशों के अधीन हुआ है, इसलिए सरकार इसे सीधे तौर पर रद्द नहीं कर सकती. इस विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों से अतिरिक्त समय मांगा है. दूसरी ओर, छात्र संगठन सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.

98 फीसदी मुद्दों पर सहमति का दावा, जांच के लिए कमेटी का गठन:
वार्ता के समापन के बाद सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों की अधिकांश मांगों को गंभीरता से सुना गया है और लगभग 98 फीसदी मुद्दों पर आपसी सहमति बन गई है.सरकार ने मामलों की निष्पक्ष समीक्षा और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा, सरकार ने आश्वस्त किया है कि विभिन्न मांगों और गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी.

