Koderma : कृषि विभाग की ओर से बिरसा सांस्कृतिक भवन में जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्त्ता श्रीमती पूनम कुजूर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम को लेकर किसानों को जागरूक करना और बदलते मौसम के बीच खेती के बेहतर विकल्प बताना रहा. बैठक में विशेष रूप से कम वर्षा और संभावित सुखाड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक खेती अपनाने की जानकारी दी गई. किसानों को बताया गया कि ऐसे हालात में मक्का, मडुआ (रागी), अरहर जैसी फसलें बेहतर विकल्प बन सकती हैं क्योंकि इनमें पानी की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है.

सरकारी योजनाओं से जुड़ें किसान, कृषि विभाग ने कार्यशाला में दिया संदेश
जिला कृषि पदाधिकारी सुरेश स्वॉसी ने किसानों से अपील की कि वे बदलते मौसम के अनुसार खेती की रणनीति अपनाएं और विभाग द्वारा संचालित केंद्रीय एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं का लाभ लें. कार्यशाला में कृषि विभाग के साथ-साथ पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और कृषि विज्ञान केंद्र जयनगर के वैज्ञानिकों ने भी हिस्सा लिया और किसानों को अपनी-अपनी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में आत्मा (ATMA) परियोजना, पौधा संरक्षण इकाई और कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे. इस कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को मौसम आधारित खेती और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उत्पादन और आय बढ़ाने में मदद करना है.
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