कोडरमा: 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन सफल करने का निर्णय

Koderma: संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन्स तथा स्वतंत्र फेडरेशनों एवं यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन...

Koderma: Decision to make Jail Bharo movement successful on August 10

Koderma: संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन्स तथा स्वतंत्र फेडरेशनों एवं यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन दिवस के अवसर पर 10 अगस्त 2026 को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों की संयुक्त बैठक में लिया गया. सहाना गार्डन कोडरमा में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अर्जुन यादव ने किया.बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश आज गहरे आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक संकट से गुजर रहा है. केंद्र सरकार की निजीकरण, ठेकेदारीकरण, व्यवसायीकरण और कॉरपोरेटपरस्त नीतियों के कारण सार्वजनिक उपक्रमों, प्राकृतिक संसाधनों तथा जनकल्याणकारी क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. इससे रोजगार के अवसर घट रहे हैं, श्रमिक अधिकार कमजोर हो रहे हैं, किसानों और मेहनतकश जनता की आजीविका पर संकट गहरा रहा है. तथा आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है.

अमेरिका व्यापार समझौता से देश की खेती और किसानी चौपट

वहीं भारत – अमेरिका व्यापार समझौता से देश की खेती और किसानी चौपट हो जाएगा. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और साम्राज्यवादी दबावों के अनुरूप लागू की जा रही नीतियां देश की आर्थिक संप्रभुता, आत्मनिर्भरता तथा संविधान की समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भावना के विपरीत हैं.नेताओं ने कहा कि चारों लेबर कोड श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा पर हमला हैं, जबकि किसानों से किए गए एमएसपी की कानूनी गारंटी, संपूर्ण कर्ज़माफी और भूमि अधिकार संबंधी वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, सरकारी रिक्त पदों को न भरना, पेपर लीक, मनरेगा को कमजोर करने के प्रयास, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की बदहाली तथा संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और संघीय ढांचे पर बढ़ते हमले जनता की चिंताओं को और गहरा रहे हैं.

जनता के अधिकारों की रक्षा का व्यापक आंदोलन का शंखनाद

10 अगस्त का जेल भरो आंदोलन केवल गिरफ्तारी देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, राष्ट्रीय संप्रभुता, सामाजिक न्याय और मेहनतकश जनता के अधिकारों की रक्षा का व्यापक आंदोलन का शंखनाद है. बैठक में झारखंड राज्य किसान सभा के अध्यक्ष असीम सरकार, सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान, आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश, एक्टू के जिला सचिव विजय पासवान, एआईकेएस के अर्जुन यादव, एटक नेत्री सोनिया देवी, किसान सभा के सुरेन्द्र राम, बासुदेव साव, कर्मचारी नेता दिनेश रविदास, निर्माण कामगार यूनियन के नागेश्वर दास, सहदेव दास, बालेश्वर राम आदि मौजूद थे.

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