Click Here
Click Here
Click Here

लोहरदगा : बड़ा तालाब में छोड़ा गया 9 क्विंटल मछली का जीरा, मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों को सशक्त बनाने पर जोर

Lohardaga: लोहरदगा शहर के ऐतिहासिक बड़ा तालाब में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने और मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को...

Lohardaga: 9 quintals of fish seeds released in Bada Talab, emphasis on empowering people associated with fish business

Lohardaga: लोहरदगा शहर के ऐतिहासिक बड़ा तालाब में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने और मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड की ओर से 9 क्विंटल मछली का जीरा छोड़ा गया. नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर एवं अंजुमन इस्लामिया के नाजिम-ए-आला हाजी जबारुल अंसारी की देखरेख में ये कार्य संपन्न हुआ. इस अवसर पर समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे. तालाब में वैज्ञानिक तरीके से 9 क्विंटल मछली का जीरा छोड़ा गया. इससे तालाब में मछली उत्पादन में वृद्धि होगी. मछली पालन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. समिति के सदस्यों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल मछली उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि स्थानीय मछली व्यवसाय को मजबूत करना है. लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है.

यह भी पढ़ें: जनसेवा ही मेरा धर्म, नफरत की राजनीति से दूर मोहब्बत का पैगाम: इरफान अंसारी 

तालाबों का संरक्षण और उसका सदुपयोग समय की आवश्यकता

नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर ने कहा कि बड़ा तालाब शहर की महत्वपूर्ण धरोहर है. इसके संरक्षण के साथ-साथ इसका बेहतर उपयोग भी जरूरी है. तालाब में मछली का जीरा छोड़ने से भविष्य में मछली का उत्पादन बढ़ेगा और इससे मछली व्यवसाय से जुड़े परिवारों की आय में वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि नगर परिषद हमेशा ऐसे जनहितकारी कार्यों को बढ़ावा देती रहेगी. वहीं अंजुमन इस्लामिया के नाजिम-ए-आला हाजी जबारुल अंसारी ने कहा कि समाज के आर्थिक विकास के लिए ऐसे सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं. उन्होंने मत्स्यजीवी सहयोग समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाबों का संरक्षण और उसका सदुपयोग समय की आवश्यकता है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. मौके पर मत्स्यजीवी सहयोग समिति के तौहीद अंसारी, अख्तर अंसारी, नूरजहां खातून, राबिया खातून, मुर्तजा अंसारी, संतु नायक, मुकेश नायक, मोनू उरांव, सोनू वर्मा, गगन उरांव, हारून रशीद, इम्तियाज अंसारी, सरवर खान सहित समिति के कई सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे. सभी ने इस पहल को मछली पालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही.

यह भी पढ़ें: परिसीमन का विरोध राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित, जनता को भ्रमित करने का प्रयास : भाजपा

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *