रांची: झारखंड हाई कोर्ट में राज्य में लोकायुक्त और सूचना आयुक्त जैसे संवैधानिक पदों को 4 साल से अधिक समय तक खाली रखने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एस. एम. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई. पिछली सुनवाई में अदालत ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई थी और सख्त फैसले के संकेत दिए थे.

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को जानकारी दी कि लोकायुक्त और सूचना आयुक्त के पदों को भरने के लिए 25 मार्च को बैठक बुलाई गई है. सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि महीने के अंत तक दोनों पदों पर नियुक्ति कर दी जाएगी. हालांकि, प्रार्थियों के अधिवक्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार पहले भी इस तरह के आश्वासन देकर मामलों को टालती रही है.
इस पर अदालत ने राज्य सरकार को एक सप्ताह का अंतिम समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 1 अप्रैल तय की. अदालत ने स्पष्ट कहा कि 1 अप्रैल से पहले दोनों पदों पर नियुक्ति हर हाल में हो जानी चाहिए, अन्यथा कड़े आदेश पारित किए जाएंगे. इस पर प्रार्थियों के अधिवक्ताओं ने सहमति जताई. अदालत इन नियुक्तियों से जुड़ी सात जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें अधिवक्ता रितु कुमार, नवीन कुमार, अभय कुमार मिश्रा, धीरज कुमार और कुमार हर्ष सहित कई प्रार्थियों का पक्ष रख रहे हैं.

