Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक लोक अभियोजक परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई की. अदालत ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है.

अदालत का रुख और निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार के रुख को जानने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 14 दिनों के भीतर अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि तय की है.
याचिकाकर्ताओं की दलील
यह याचिका सत्यांशु शुभम, संजना सिंह और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल की गई है. याचिका में अभ्यर्थियों ने झारखंड सरकार द्वारा एपीपी परीक्षा को अचानक रद्द किए जाने के प्रशासनिक निर्णय को चुनौती दी है. याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि सरकार के परीक्षा रद्द करने के आदेश पर तुरंत अंतरिम रोक लगाई जाए और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से लंबे समय से तैयारी कर रहे सैकड़ों योग्य उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया है. हाई कोर्ट के रोक लगाने से इनकार करने के बाद फिलहाल परीक्षा रद्द करने का फैसला प्रभावी रहेगा. अब सभी की नजरें 24 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां राज्य सरकार द्वारा दाखिल किए जाने वाले जवाब से स्पष्ट होगा कि आखिर किन आधारों पर इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया था.
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