Ranchi: झारखंड में जेपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन ने अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है. एक तरफ जहां राजधानी रांची में छात्र अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। मंत्रियों का आरोप है कि बीजेपी छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रही है और इस आंदोलन को सुनियोजित तरीके से हाईजैक किया गया है. दूसरी ओर, मंत्रियों ने सरकार और प्रशासन के रुख को पूरी तरह से संवेदनशील बताया है.
बीजेपी कर रही है छात्रों को गुमराहः राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जेपीएससी और अन्य परीक्षाओं को लेकर छात्रों के नाम पर जो कुछ भी चल रहा है, उसके पीछे पूरी तरह से बीजेपी की साजिश है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है। उन्हें छात्रों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है, वे केवल मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं और अपनी राजनीति चमकाने के लिए राहुल गांधी पर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं.
सदन के बजाय सीएम हाउस का घेराव
वित्त मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी सचमुच छात्रों के हित चाहती, तो वह 10 अगस्त को सदन के पटल पर चर्चा करती, न कि सीएम हाउस का घेराव करने जाती. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर नहीं चाहती थी कि छात्रों की समस्याओं का कोई ठोस समाधान निकले.राधा कृष्ण किशोर ने दावा किया कि बीजेपी ने अपनी राजनीतिक साजिश के तहत दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाकर विधानसभा घेराव के दौरान माहौल को खराब किया. इसके बावजूद सरकार ने पूरी संवेदनशीलता दिखाई और छात्रों को विधानसभा तक शांतिपूर्वक जाने दिया.
बीजेपी कर रही है आंदोलन को हाईजैकः इरफान
स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड के छात्र आंदोलन पर कहा कि कहा कि बीजेपी की साजिशें अब बेनकाब होने लगी हैं. मैं खुद बिना किसी प्रोटोकॉल के अकेले छात्रों के बीच गया था। कई छात्रों ने मुझसे निजी तौर पर कहा कि वे सरकार से शांतिपूर्ण बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन बीजेपी के लोग इस आंदोलन को हाईजैक करने पर तुले हुए हैं.मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी सांसद आदित्य साहू के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने राहुल गांधी पर सवाल उठाया था. इरफान ने कहा कि आदित्य साहू का यह बयान चांद पर थूकने जैसा है. राहुल गांधी हमेशा छात्रों के साथ खड़े रहे हैं और नीट पेपर लीक के खिलाफ मुखर होकर लड़े हैं.
मेडिकल टीम और संवेदनशीलता
इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार धरने पर नजर बनाए हुए है. छात्रों के लिए 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात की गई है, और जिन छात्रों की तबीयत बिगड़ी, उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. इरफान अंसारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार छात्रों की 95% मांगों को मानने के लिए पूरी तरह तैयार है और उनके हित में लगातार काम कर रही है.
देशभर में शिक्षा माफियाओं का संचालन कर रही है बीजेपीः दीपिका
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर देशव्यापी पेपर लीक सिंडिकेट चलाने का गंभीर आरोप लगाया है.दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि साल 2015 से लेकर अब तक देश भर में कुल 155 पेपर लीक हुए हैं, जिनके तार सीधे तौर पर बीजेपी से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि आज तक सीबीआई द्वारा जितनी भी जांच की गई, उनमें से किसी में भी कनविक्शन (दोषसिद्धि) नहीं हुआ, क्योंकि सीबीआई बीजेपी के इशारे पर काम करती है.
झारखंड का मजबूत कानून
मंत्री दीपिका ने कहा कि झारखंड सरकार ने 2023 में देश का सबसे मजबूत एंटी-पेपर लीक कानून बनाया है. राज्य सरकार ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जेपीएससी के संबंध में उचित कदम उठाए जा रहे हैं.उन्होंने कहा कि बीजेपी जानबूझकर सीबीआई जांच की मांग कर रही है ताकि उनकी कार्यशैली के अनुसार मामले को भटकाया जा सके और कुछ खास लोगों को बचाया जा सके.
जंतर-मंतर पर चुप रहने वाले आज रच रहे षड्यंत्रः शिल्पी
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बीजेपी की भूमिका को बेहद शर्मनाक करार दिया.कहा कि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रोटेस्ट कर रहे थे, तब यही बीजेपी नेता अपनी आंखें मूंदकर बैठे थे और आज झारखंड में आकर बड़े-बड़े षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के दबाव और स्पष्ट स्टैंड के कारण ही जंतर-मंतर पर छात्रों को उनका हक मिल पाया था. बीजेपी नेताओं को केवल केंद्र से मिलने वाले इशारों पर राहुल गांधी के खिलाफ बयानबाजी करने का निर्देश मिलता है. उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि बिहार में हुई घटनाओं और पूर्व में हुए तपकरा गोलीकांड (जिसमें बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री थे और 8 आदिवासी मारे गए थे) पर बीजेपी क्यों चुप्पी साध लेती है? झारखंड की जनता सब याद रख रही है और इसका माकूल जवाब देगी.
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