रांची: राज्य में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मतदान के मद्देनजर जिला बल के साथ 9500 अतिरिक्त जवानों की तैनाती पूरे राज्य में कर दी गई है. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे डॉ. माइकल राज एस ने बताया कि सभी बूथों की प्रकृति के अनुसार बल की रणनीतिक तैनाती की गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए.

2400 सशस्त्र जवान अतिरिक्त रूप से चुनाव ड्यूटी में
डॉ. माइकल राज एस ने कहा कि संवेदनशील, अति संवेदनशील और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा के बाद सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है. जिला पुलिस के अतिरिक्त सर्वाधिक 7000 जवान गृह रक्षक बल के लगाए गए हैं. इसके साथ ही झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) और इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) की 30 इको कंपनियां भी तैनात की गई हैं. प्रत्येक कंपनी में 80 जवान होने के कारण लगभग 2400 सशस्त्र जवान अतिरिक्त रूप से चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं.
जिलों में उपलब्ध बल का 30 प्रतिशत हिस्सा भी चुनाव कार्य में लगाया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त तैनाती के साथ सभी जिलों में उपलब्ध बल का 30 प्रतिशत हिस्सा भी चुनाव कार्य में लगाया गया है. यह व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि स्थानीय क्षेत्र से परिचित बल अपने-अपने इलाकों में प्रभावी निगरानी कर सके और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुफिया तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय है. विशेष शाखा के अधिकारी और जवान संवेदनशील व अति संवेदनशील बूथों पर लगातार नजर रख रहे हैं. विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे इनपुट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं. जिन नगर निगम क्षेत्रों में पूर्व में अनहोनी की आशंका जताई गई थी, वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर निगरानी और कड़ी कर दी गई है.
पुलिस ने मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्भय होकर मतदान करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें. अधिकारियों का कहना है कि राज्यभर में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध लागू किए गए हैं.
जानिए चुनाव के दौरान कैसी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था

- 9500 अतिरिक्त जवानों की राज्यव्यापी तैनाती
- 7000 गृह रक्षक, 2400 जैप व आइआरबी जवान ड्यूटी में
- 30 इको कंपनियां सशस्त्र बल की तैनात
- संवेदनशील व अति संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी
- जिला बल का 30% हिस्सा चुनाव कार्य में लगाया गया
- खुफिया विभाग की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और इनपुट आधारित तैनाती
