नाबार्ड अध्यक्ष का दौरा: गोरडीह लैम्प्स में सहकारिता और डिजिटलीकरण से ग्रामीण विकास को नई रफ्तार

सरायकेला: जिले के चांडिल प्रखंड स्थित गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अध्यक्ष श्री शाजी के. वी....

सरायकेला: जिले के चांडिल प्रखंड स्थित गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अध्यक्ष श्री शाजी के. वी. ने भ्रमण एवं निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लैम्प्स सदस्यों, एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों से संवाद कर संस्थाओं की गतिविधियों एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा की.

डिजिटल प्रक्रिया और विपणन पहलों का अवलोकन

निरीक्षण के दौरान उत्पादों, डिजिटल प्रक्रियाओं और विपणन से जुड़ी पहलों का जायजा लिया गया. अध्यक्ष ने संस्थाओं के डिजिटलीकरण और क्षमता संवर्धन की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया.

सहकारिता और ई-पैक्स पर जोर

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता का आधार अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है. इसके लिए सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने, e-PACS और एफपीओ के माध्यम से कृषि विपणन तंत्र को मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय आर्थिक केंद्र विकसित करने पर बल दिया. साथ ही किसानों को सुलभ ऋण, बेहतर विपणन सुविधा और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई.

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प्रमाण-पत्रों का वितरण और सहभागिता पर जोर

इस अवसर पर पीएसीएस सदस्यता प्रमाण-पत्र, ई-केसीसी प्रमाण-पत्र और चयनित एफपीओ को ईजीए स्वीकृति पत्र वितरित किए गए. कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती चामी मुर्मू ने सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई दिशा देने पर बल दिया.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बनाने पर चर्चा

नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती दीपमाला घोष ने कहा कि सहकारिता, वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहल के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सकता है. उन्होंने एफपीओ और पैक्स के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया.

कार्यक्रम का आयोजन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, सरायकेला–खरसावां के समन्वय में किया गया, जिसमें नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय रांची के वरिष्ठ पदाधिकारी, सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे. नाबार्ड द्वारा सहकारिता, वित्तीय समावेशन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

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