NEET पेपर लीक: रांची में युवा राजद का सत्याग्रह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

Ranchi: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच झारखंड की राजधानी रांची में भी विरोध प्रदर्शन...

NEET paper leak: RJD youth stage Satyagraha in Ranchi, demand for resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan

Ranchi: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच झारखंड की राजधानी रांची में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की युवा इकाई ‘युवा राजद’ ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के सामने युवा राजद कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सत्याग्रह सह धरना प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया. धरने पर बैठे युवा राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जोरदार मांग की और देश की शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की.

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छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप

प्रदर्शन के दौरान युवा राजद के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में शिक्षा का पूरी तरह से व्यवसायीकरण हो चुका है. उन्होंने कहा, “मेडिकल जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र-छात्राएं सालों-साल कड़ी मेहनत करते हैं. उनके अभिभावक अपनी जमा-पूंजी और लाखों रुपये कोचिंग व तैयारियों में फूंक देते हैं. लेकिन चंद भ्रष्टाचारियों की वजह से पेपर लीक हो जाता है, जिससे लाखों होनहार छात्रों की मेहनत और उनका भविष्य दोनों दांव पर लग गए हैं.”

छात्राओं पर बढ़ रहा सामाजिक दबाव

कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक की घटनाओं से निराश और हताश हो रहे छात्रों का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया. नेताओं ने कहा कि परीक्षा रद्द होने या विवादों में घिरने के कारण कई परिवारों को भारी मानसिक और आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है. विशेष रूप से छात्राओं का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षाओं में हो रही इस तरह की गड़बड़ियों से छात्राओं पर अतिरिक्त सामाजिक दबाव बढ़ जाता है. बार-बार परीक्षा प्रभावित होने से उनके करियर और सपनों पर गंभीर असर पड़ रहा है.

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“मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन होगा उग्र”

युवा राजद नेताओं ने केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि देश का युवा लंबे समय से सड़कों पर है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल या छात्रों के साथ सीधा संवाद नहीं किया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और इस पूरे मामले में सख्त जवाबदेही तय की जाए. राजद नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस दिशा में जवाबदेही तय करने का पहला कदम होना चाहिए. युवा राजद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छात्रों की जायज मांगों को अनसुना किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र होगा तथा संगठन चरणबद्ध तरीके से देशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा.

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