Ranchi : न्यूज़ वेव की खबर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है. शुक्रवार को हमने ‘बालू घाट का लीज डीड साइन होने के बाद क्यों नहीं शुरू हो रहा बालू का उठाव !’ शीर्षक से खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित की थी. जिसके बाद अब झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अगल अलग जिलों के छह बालू घाटों से बालू के उठाव का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हजारीबाग, रांची और गोड्डा जिले के बालू घाट से खनन और स्टॉक यार्ड बनाने के लिए सीटीओ (Consent To Operate ) की मंजूरी दे दी है. सीटीओ मिलने के बाद अब बालू घाट का टेंडर ले चुकी कंपनी कभी भी खनन कार्य शुरू कर सकती है. हालांकि बालू की बिक्री के लिए कंपनी को डीलर लाइसेंस लेना पड़ेगा. यह प्रक्रिया खनन विभाग पूरी करता है.

डीसी ने लीज डीड साइन सीटीओ के कारण रूका बालू उठाव
बता दें कि झारखंड के अलग अलग जिलों में बालू घाट के टेंडर फ़ाइनल होने और सभी क़ानूनी एवं अन्य जरुरी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद जिलों के डीसी ने बालू घाटों के लीज डीड साइन कर दिए हैं. लेकिन सीटीओ नहीं मिलने की वजह से बालू का उठाव नहीं किया जा रहा था. लेकिन अब सीटीओ मिलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. ऐसे में यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि जिन बालू घाटों से उठाव के लिए सीटीओ मिल गया है. वहां से बालू का उठाव कब तक शुरू किया जाएगा.
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