Ranchi: झारखंड की समृद्ध जनजातीय विरासत, जीवंत कला-संस्कृति और ऐतिहासिक गौरव को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने के लिए राजधानी रांची में दो दिवसीय भव्य ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026’ का आयोजन अगस्त महीने में होने जा रहा है. मोरहाबादी मैदान या इसके समकक्ष बड़े स्थान पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव को महज एक पारंपरिक प्रदर्शनी के बजाय एक अनूठे सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसमें तकनीक और परंपरा का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा. इस बार का यह आयोजन सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए भी एक अनोखा अनुभव साबित होने वाला है.
आसमान में दिखेगी जनजातीय वीरों की गाथा, 700 ड्रोन का एरियल शो
महोत्सव का सबसे बड़ा और आधुनिक आकर्षण 700 से अधिक सिंक्रोनाइज्ड ड्रोन का भव्य लाइट कोरियोग्राफी शो होगा. न्यूनतम 20 मिनट की अवधि वाले इस हवाई प्रदर्शन में संगीत और लाइव वॉयस-ओवर के साथ झारखंड के महान आदिवासी नायकों के इतिहास, उनकी भूमिका और ऐतिहासिक उपलब्धियों की कहानियों को आसमान में जीवंत आकृतियों के माध्यम से उकेरा जाएगा. इसके साथ ही महोत्सव में पहली बार भव्य और अनूठी ‘ग्रीन आतिशबाजी’ का भी अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा.
5D थिएटर और एआई चैटबॉट: तकनीक के रंग में रंगेगी संस्कृति
आदिवासी संस्कृति को नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों से जोड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर समावेश किया जा रहा है. मेला क्षेत्र में 40 फीट लंबी ‘इमर्सिव डिजिटल टनल’ और एक भव्य ‘इंटरएक्टिव फ्लोर प्रोजेक्शन’ का निर्माण किया जाएगा, जो लोगों को विजुअल का नया अहसास कराएगा. इसके अलावा, एक विशाल जियोडेसिक डोम संरचना में 50,000 ल्यूमेंस प्रोजेक्टर्स और सिनेमा हॉल मानकों से लैस ‘5D इमर्सिव थिएटर हॉल’ स्थापित किया जाएगा, जिसमें जनजातीय जीवन पर आधारित विशेष रूप से तैयार की गई स्क्रिप्ट और विजुअल इफेक्ट्स दिखाए जाएंगे. आगंतुकों की सहायता के लिए एक एआई-पावर्ड 3D चैटबॉट तैनात रहेगा, जो आवाज और टेक्स्ट के माध्यम से राज्य की जनजातीय विरासत, पर्यटन और कार्यक्रम सूची की जानकारी कई भाषाओं में देगा.
‘दिशोम गुरु’ श्री शिबू सोरेन को अनोखी डिजिटल श्रद्धांजलि
महोत्सव के भीतर ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन और उनके योगदान को नमन करने के लिए एक विशेष ‘डिजिटल ट्रिब्यूट वॉल’ बनाई जाएगी. 8×12 वर्ग फीट की इस इंटरएक्टिव LED वॉल पर आगंतुक टच-आधारित डिजिटल पुष्प अर्पित कर सकेंगे और उनके संस्मरणों को देख सकेंगे. इसके अलावा एक ऑनलाइन ट्रिब्यूट पोर्टल का भी विकास किया जाएगा, जिससे दुनिया के किसी भी कोने से लोग जुड़ सकेंगे.
5 किलोमीटर लंबी ‘जात्रा’ सांस्कृतिक परेड: रांची की सड़कों पर उतरेगी लोक कला
महोत्सव के भव्य शुभारंभ या समापन के अवसर पर रांची शहर में 5 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक ‘जात्रा सांस्कृतिक परेड एवं हेरिटेज प्रोसेशन’ का आयोजन किया जाएगा. इस परेड में 5 विशेष रूप से डिजाइन की गई भव्य झांकियां शामिल होंगी, जो झारखंड की जनजातीय परंपराओं को प्रदर्शित करेंगी. पूरी 5 किलोमीटर की यात्रा के दौरान सड़कों, पेड़ों और बिजली के खंभों को पारंपरिक सोहराई, कोहबर और स्थानीय कला थीम पर आधारित बोर्ड शीट स्टैंडीज और विद्युत लाइटों से सजाया जाएगा. ट्राइबल हाट, फैशन शो और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का महासंगम देखने को मिलेगा. महोत्सव में कला, वाणिज्य और मनोरंजन का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा. इसके तहत कई भव्य आयोजन होंगे.
विशाल ट्राइबल बाजार व हाट
1,500 वर्ग मीटर में फैला एक कस्टमाइज्ड थीम पवेलियन और 100 से अधिक आधुनिक फैब्रिकेटेड स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हस्तशिल्प, हथकरघा, और जैविक वनोपजों का प्रदर्शन व लाइव क्राफ्ट डेमो होगा.
ट्राइबल थीम फैशन शो
जनजातीय परिधानों और डिजाइनों को बढ़ावा देने के लिए मुख्य मंच पर प्रसिद्ध डिजाइनरों और पेशेवर मॉडलों के साथ न्यूनतम 1 घंटे का भव्य थीमैटिक फैशन शो आयोजित होगा.
सांस्कृतिक व रॉक बैंड नाइट
देश और विदेश से आने वाले लगभग 500 से अधिक आदिवासी लोक कलाकारों, पारंपरिक नृत्य दलों और नामचीन सेलिब्रिटी आर्टिस्टों व रॉक बैंड्स के द्वारा दोनों दिन मुख्य मंच पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी.
डिजिटल स्वतंत्रता सेनानी गैलरी
भारत के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने के लिए इंटरएक्टिव टचस्क्रीन और मल्टीमीडिया से लैस एक आधुनिक डिजिटल गैलरी बनाई जाएगी.
आदिवासी फिल्म महोत्सव व पॉडकास्ट सेटअप
जनजातीय जीवन पर बनी फिल्मों के प्रदर्शन के लिए हाई-क्वालिटी एलईडी वॉल और बेहतरीन साउंड सिस्टम युक्त सिनेमा जोन और एक लाइव पॉडकास्ट स्टूडियो सेटअप भी तैयार रहेगा.
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