रांचीः होली की छुट्टी के बाद झारखंड विधानसभा का बजट सत्र नौ मार्च यानि सोमवार से शुरू होगा. अब बचे हुए सदन की कार्रवाई में विपक्ष की चुप्पी जारी रहेगी या आक्रमक रूख अपनाएगा यह देखने वाली बात होगी. वैसे सत्ता के गलियारों में भाजपा विधायक नवीन जाययवाल की डिग्री का मामला हॉट केक बना हुआ है. वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर सकता है. बहरहाल अब तक बजट सत्र में जितने दिन सदन की कार्यवाही हुई, उसमें विपक्ष की उदासीनता चर्चा का विषय बन गई है. राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुई सदन की कार्यवाही में विपक्ष ने कोई संशोधन नहीं लाया है, जो सवालों में है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि कई विपक्षी विधायकों के परिवार के लोग चुनाव में खड़े हैं, जिससे उनकी प्राथमिकता बदल गई है. साथ ही यह भी कहा जा रही है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, जिससे वे सरकार को घेर सकें.

सत्ता पक्ष नहीं दे रहा मौका:
वैसे तो सत्ता पक्ष पहले से ही विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयार रहता है, जिससे विपक्ष को बोलने का मौका नहीं मिल रहा है. जेएमएम विधायक दशरथ गगराई: “यह पहला मौका है जब विपक्ष इतना सुस्त है. कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह के अनुसार सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों की अहम भूमिका होती है, लेकिन विपक्ष सुस्त है.

