Hazaribagh : जिले में इन दिनों बिजली संकट गहराता जा रहा है. भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर से लेकर गांव तक बिजली की आंख-मिचौली ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. शहरी क्षेत्र में आठ से 12 घंटे तक बिजली काटी जा रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में 14 से 16 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है. लगातार बिजली गुल रहने से उद्योग-धंधे, कारोबार, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं.

मांग 150 से 180 मेगावाट, मिल रही केवल 70 से 90 मेगावाट
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार बिजली की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिले में करीब 150 से 180 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, लेकिन फिलहाल 70 से 90 मेगावाट ही बिजली मिल रही है. कम बिजली मिलने के कारण विभाग को रोटेशन के आधार पर आपूर्ति करनी पड़ रही है. शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत बेहतर आपूर्ति का दावा किए जाने के बावजूद लोगों को करीब 12 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति आठ से 10 घंटे तक सिमट गई है. कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर खराब होने और लोकल फॉल्ट के कारण लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं. बार-बार ट्रिपिंग से भी उपभोक्ता परेशान हैं.
लाखे और मंडई को ग्रामीण फीडर से बिजली देने पर आक्रोश
लाखे क्षेत्र के लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर खासा आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखे और मंडई कला शहरी क्षेत्र में आते हैं, लेकिन इन्हें ग्रामीण फीडर से जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है. ग्रामीण फीडर लंबा होने के कारण कहीं भी फॉल्ट होने पर लाखे की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनसे शहरी दर के अनुसार बिजली बिल वसूला जाता है, लेकिन बिजली आपूर्ति की सुविधा ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर मिल रही है. ग्रामीण फीडर के शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति होने से लाखे के उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है. लोगों ने मांग की है कि लाखे को जल्द से जल्द शहरी फीडर से जोड़ा जाए.
बरही से कटकमसांडी तक बिजली संकट का असर
बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है. बरही, चौपारण, इचाक, दारू, विष्णुगढ़, कटकमदाग और कटकमसांडी प्रखंडों में संकट अधिक है. इन इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने के साथ लो-वोल्टेज की समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. हजारीबाग की जनता बिजली की लगातार आंख-मिचौली से परेशान है. लोगों ने विद्युत विभाग से निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है. लाखे क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे.
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