Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड में पत्रकारों के साथ राज्य सरकार लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है. सबसे पहले रिम्स में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाई गई. उसके बाद प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों की एंट्री बंद कर दी गई. फिर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को सील कर पत्रकारों की पहुंच रोक दी गई. अब खबर है कि सदर अस्पताल में भी पत्रकारों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. लगता है अगला नंबर थाना और सरकारी दफ्तरों का है. आखिर पत्रकारों के कैमरे की मौजूदगी में बहुत से ‘काम’ करने में दिक्कत जो होती है. सरकार को समझना चाहिए कि पत्रकार सरकार के मेहमान नहीं, लोकतंत्र के प्रहरी हैं. उनकी एंट्री रोककर सवालों को नहीं रोका जा सकता और कैमरे बंद करके सच को नहीं छिपाया जा सकता. यदि फिर भी सरकार लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है तो सुझाव है कि झारखंड के छोटे-बड़े सभी पत्रकारों को एक साथ राज्य बदर करने का आदेश ही जारी कर दीजिए. न पत्रकार रहेंगे, न सवाल होंगे, न कैमरे होंगे और सरकार का पूरा टेंशन खत्म.

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