पशुपालन विभाग के AI कर्मियों का आंदोलन तेज, मांगें पूरी नहीं होने पर जारी रहेगी हड़ताल

रांची: झारखंड पशुपालन विभागीय एआई कर्मचारी संघ की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 10 मार्च 2026 को मंत्री आवास परिसर...

रांची: झारखंड पशुपालन विभागीय एआई कर्मचारी संघ की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 10 मार्च 2026 को मंत्री आवास परिसर में राज्यस्तरीय अनिश्चितकालीन धरना और हड़ताल जारी रही. संघ के नेताओं का कहना है कि विभाग में लगभग तीन हजार एआई कर्मी वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी व्यवस्था और उचित मानदेय नहीं मिल पाया है.

एआई कर्मियों पर बढ़ी जिम्मेदारी

संघ के अनुसार एआई कर्मी राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गाय और भैंसों के नस्ल सुधार, पशुधन सेवा और पशु चिकित्सा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दे रहे हैं. बावजूद इसके विभाग में राजपत्रित पदाधिकारियों के अलावा अन्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से एआई कर्मियों पर ही अधिकांश जिम्मेदारियां आ गई हैं.

वर्षों तक बिना मानदेय काम करने का आरोप

कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2014 से 2019 तक उन्होंने बिना किसी मानदेय के सेवा दी. आंदोलन के बाद वर्ष 2021 से उन्हें 1500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाने लगा. इसके बाद वर्ष 2024 में मानदेय बढ़ाकर 6000 रुपये करने पर सहमति बनी, लेकिन अब तक इसका लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है.

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अक्टूबर 2025 से जारी है हड़ताल

इसी कारण 15 अक्टूबर 2025 से एआई कर्मी हड़ताल पर हैं और अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं.

सरकार से ये हैं मुख्य मांगें

संघ के नेताओं ने कहा कि सरकार से उनकी मुख्य मांगों में 26 सितंबर 2024 को हुए लिखित समझौते को लागू करना, पहले चरण में 6000 रुपये मासिक मानदेय का भुगतान करना, न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मानदेय तय करना और राज्यस्तरीय वरीयता सूची प्रकाशित करना शामिल है.

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी

संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक एआई कर्मियों का आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी.

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