Ranchi: जिले को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को पंचायत स्तर तक मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी गई है. अब इस अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी मुखियाओं से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है.
सिविल सर्जन कार्यालय में हुई बैठक
इसी क्रम में सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में बैठक आयोजित की गई. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एस. बास्की की अध्यक्षता में हुई बैठक में टीबी मुक्त पंचायत अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में जिले के सभी मुखियाओं को अभियान से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई.
दो दिनों में मुखियाओं तक पहुंचेगा अपील पत्र
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रखंडों के मुखियाओं तक टीबी मुक्त पंचायत अभियान से संबंधित अपील पत्र पहुंचाया जाएगा. STS और CHO के माध्यम से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की मौजूदगी में अगले दो दिनों के भीतर यह पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
पंचायत स्तर पर होगी संभावित मरीजों की पहचान
अभियान के तहत पंचायत स्तर पर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच और इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि बीमारी के लक्षण वाले लोगों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सके, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा जागरूकता संदेश
टीबी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. मुखियाओं की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के लक्षण, जांच, इलाज और बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की योजना है. स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि टीबी उन्मूलन का संदेश गांव-गांव तक पहुंचे.
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में रिम्स के चिकित्सक डॉ. डीके मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह समेत जिला यक्ष्मा कार्यक्रम से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे. अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
