Bokaro: चास वन विभाग की टीम ने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए एक भजन मंडली के कब्जे से दो संरक्षित भारतीय रॉक पाइथन (अजगर) का रेस्क्यू किया. इन सांपों का उपयोग धार्मिक आयोजन में प्रदर्शन के लिए किया जा रहा था.
डाक बम की झांकी में किया जा रहा था प्रदर्शन
8 अगस्त को चास क्षेत्र में ‘डाक बम’ की झांकी के दौरान भजन मंडली द्वारा इन सांपों का प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसकी जानकारी मिलने पर यह पता चला कि 11 अगस्त को भी यह कार्यक्रम आयोजित होगा. मामला धार्मिक होने के कारण वन विभाग की टीम ने संयम बरता. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आयोजकों को वन्यजीव कानूनों की जानकारी दी गई और दोनों अजगरों को सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया.
रेस्क्यू के दौरान हुआ विरोध
रेस्क्यू के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करते हुए सांपों को वापस करने की मांग की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
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प्राकृतिक आवास में छोड़े गए अजगर
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित इन दोनों अजगरों को प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया गया.
वन विभाग ने की अपील
साथ ही वन विभाग ने अपील करते हुए कहा कि वन्यजीवों को मनोरंजन, प्रदर्शन या धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा न बनाएं, यह कानूनन अपराध है. किसी भी वन्यजीव के दिखने पर स्वयं पकड़ने के बजाय तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचित करें. वन्यजीवों की रक्षा हमारी प्राकृतिक विरासत की रक्षा है.
