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रांची: बिना सर्वे और पुनर्वास के बेदखली गैरकानूनी: पथ विक्रेता संगठन

Ranchi: रांची नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे बेदखली अभियान के खिलाफ पथ विक्रेता संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. इंडियन हॉकर्स...

बिना सर्वे और पुनर्वास के बेदखली गैरकानूनी: पथ विक्रेता संगठन

Ranchi: रांची नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे बेदखली अभियान के खिलाफ पथ विक्रेता संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. इंडियन हॉकर्स अलायंस (IHA), अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) और अन्य संगठनों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर नगर निगम पर स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम-2014, झारखंड स्ट्रीट वेंडिंग योजना-2017, झारखंड स्ट्रीट वेंडिंग नियम-2016 और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप लगाया.

कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्रवाई का आरोप

संगठनों का कहना है कि शहर के विभिन्न इलाकों में बिना वैधानिक सर्वे, पहचान, टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की प्रक्रिया और पुनर्वास की व्यवस्था किए पथ विक्रेताओं को हटाया जा रहा है. साथ ही उनका सामान जब्त और नष्ट किया जा रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है.

हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला

संगठनों ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सर्वे, वेंडिंग जोन निर्धारण और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी पथ विक्रेता को नहीं हटाया जा सकता. इसके बावजूद नगर निगम लगातार बेदखली अभियान चला रहा है.

पथ विक्रेताओं की आजीविका पर संकट

प्रेस वार्ता में कहा गया कि इस कार्रवाई से हजारों पथ विक्रेताओं और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है. साथ ही स्थानीय बाजार व्यवस्था, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.

ये हैं प्रमुख मांगें

रांची नगर निगम तत्काल बेदखली अभियान रोके.

स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 और हाईकोर्ट के आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए.

सभी पथ विक्रेताओं का सर्वे कर पहचान पत्र जारी किए जाएं तथा वेंडिंग जोन निर्धारित कर पुनर्वास किया जाए.

जब्त या नष्ट किए गए सामान का उचित मुआवजा दिया जाए.

कानून का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

सीपीआई प्रदेश महासचिव महेंद्र पाठक, इंडियन हॉकर्स अलायंस के राज्य सचिव विकास वर्मा और राष्ट्रीय संयोजक संदीप वर्मा समेत अन्य नेताओं ने कहा कि यदि नगर निगम ने गैरकानूनी कार्रवाई नहीं रोकी तो आंदोलन सड़क से अदालत तक ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि पथ विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा.

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