Ranchi: एनआइए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में 2.20 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा मामले की सुनवाई हुई. मामले में 10वां गवाह नरेंद्रन पाल ने गवाही दी. अगली सुनवाई 01 सितंबर को होगी. नक्सली घटना को अंजाम देकर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के मामले में चाईबासा के आनंदुपर थाना में 2022 में केस हुआ था. उसी केस को एनआइए ने टेक ओवर करते हुए एनआइए के केस नंबर 03 / 2023 दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी. गौरतलब है कि मिसिर बेसरा को 28 जुलाई 2026 की शाम धनबाद और गिरिडीह सीमा क्षेत्र (बरवाअड्डा थाना क्षेत्र) से गिरफ्तार किया गया था.

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क्या है पूरा मामला?
चाईबासा के आनंदपुर और सारंडा जंगल क्षेत्र में इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सागर पर सुरक्षा बलों पर घातक हमलों की साजिश और आईईडी विस्फोट करने का आरोप है. जुलाई 2022 में आनंदपुर थाना क्षेत्र में उसके दस्ते के लिए लेवी और चिट्ठियां ले जा रहे सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) तक भी पहुंचा था. मिसिर बेसरा लंबे समय तक पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान (आनंदपुर-मनोहरपुर क्षेत्र) के जंगलों में अपने सशस्त्र दस्ते के साथ कैंप कर रहा था. आनंदपुर और आसपास के जंगली इलाकों में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके दस्ते द्वारा लगातार आईईडी लगाए गए और कई बार पुलिस-नक्सली मुठभेड़ भी हुई. जुलाई 2022 में आनंदपुर थाना पुलिस ने माओवादियों के लिए फंड और सामग्री जुटाने तथा मिसिर बेसरा तक संदेश पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की थी, जिसे बाद में अगस्त 2023 में एनआईए (NIA) ने अपने हाथ में लेकर जांच की और मामले को आगे बढ़ाया.

