रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विरोध जताते हुए कई विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे. इस दौरान आजसू विधायक निर्मल महतो रिपोर्टिंग टेबल तक पहुंच गए. इसे सदन की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने उन्हें मार्शल आउट करने का निर्देश दिया. इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह एक विधायक का दर्द है और तुरंत मार्शल आउट का आदेश दे दिया गया.
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सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक
हंगामे के दौरान सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. प्रदीप यादव ने कहा कि दर्द व्यक्त करने की एक व्यवस्था होती है और जिस तरह का व्यवहार किया गया है उस पर दंड का प्रावधान होना चाहिए. नवीन जायसवाल ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदीप यादव बड़े ज्ञानी बन रहे हैं. वहीं मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि जिस तरह का आचरण किया गया है उसे भाजपा विधायक डिफेंड कर रहे हैं जो सही नहीं है. इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर सभी लोग ट्रेजरी बेंच चलाने लगेंगे तो ठीक नहीं होगा और विधायकों को उकसाया जा रहा है.
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कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग
संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि रजरप्पा मामले में चार लोगों को निलंबित और एक को बर्खास्त किया गया है. उन्होंने कहा कि मेज पटकने से दर्द दूर नहीं होता और सही मुद्दों पर सरकार कार्रवाई करेगी. वहीं बाबूलाल मरांडी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में अबुआ नहीं बल्कि बाबुओं की सरकार चल रही है. उन्होंने दुमका, रजरप्पा, टंडवा और गिरिडीह की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रश्नकाल स्थगित कर कानून व्यवस्था पर चर्चा कराने की मांग की. इस पर मंत्री ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस विषय पर चर्चा तय नहीं हुई है, लेकिन जहां भ्रष्टाचार की जानकारी मिलेगी वहां सरकार कार्रवाई करेगी.
