Saraikela : खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के चिलगु गांव के पास NH-33 पर शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. एथनॉल से लदे टैंकर संख्या NL01AH7588 और कार JH05DB0113 के बीच जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर के बाद टैंकर सड़क पर पलट गया और उससे एथनॉल के रिसाव की सूचना है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बड़ी मात्रा में एथनॉल के स्वर्णरेखा नदी में जाने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासन ने अभी नहीं की है. गनीमत रही कि रिसाव के बाद आग नहीं लगी.

चालक ने वन-वे को बताया कारण
जानकारी के अनुसार टैंकर धनबाद से एथनॉल लेकर भुवनेश्वर जा रहा था. टैंकर चालक ने आरोप लगाया कि सड़क के वन-वे होने से वाहनों को बहुत कम जगह में निकलना पड़ रहा था, इसी कारण हादसा हुआ. हालांकि पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी. हादसे के बाद NH-33 पर लंबा जाम लग गया. दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी.
वर्षों से वन-वे, अधूरे पुल पर सवाल
हादसे के बाद एक बार फिर NH-33 की बदहाल व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से वन-वे चल रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मार्ग से गुजरने के बाद से ही वन-वे व्यवस्था जारी है और क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण अधूरा पड़ा है. पिछले साल सांसद संजय सेठ ने 6 महीने में पुल पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है. लोगों का आरोप है कि इसी वन-वे और अधूरे पुल के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं. हालांकि मृतकों और घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों से ही हो सकेगी.
सबसे बड़ा सवाल है कि NH-33 के इस खतरनाक हिस्से में यातायात सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? NHAI और प्रशासन कब तक स्थायी समाधान करेगा? फिलहाल चांडिल थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है. एथनॉल रिसाव और नदी में पहुंचे केमिकल की स्थिति का आकलन किया जा रहा है.
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